लंबी लड़ाई के बाद महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) का आखिरकार एशियन गेम्स खेलने का सपना टूट गया। शनिवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम (Indira Gandhi Stadium) में आयोजित एशियन गेम्स ट्रायल्स के सेमीफाइनल में दिग्गज महिला पहलवान को युवा रेसलर मीनाक्षी गोयत (Young wrestler Meenakshi Goyat) के हाथों हार का सामना करना पड़ा है।
नई दिल्ली: लंबी लड़ाई के बाद महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) का आखिरकार एशियन गेम्स खेलने का सपना टूट गया। शनिवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम (Indira Gandhi Stadium) में आयोजित एशियन गेम्स ट्रायल्स के सेमीफाइनल में दिग्गज महिला पहलवान को युवा रेसलर मीनाक्षी गोयत (Young wrestler Meenakshi Goyat) के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि इस हार के बावजूद विनेश का हौसला नहीं टूटा और जाते – जाते इशरों में उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह (Chairman Sanjay Singh) को नया चैलेंज दे दिया।
हार के बाद संजय सिंह की तरफ इशारा किया
Minakshi wrestled down Vinesh Phogat in the semifinal at the Asiad Trials.
Minakshi won 6-4 in an intense match.
🗣️ : " Mai Phir Aaugi ( I'll comeback), " said Vinesh Phogat before leaving the mat. pic.twitter.com/fNmB8ISAze
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— RevSportz Global (@RevSportzGlobal) May 30, 2026
मीनाक्षी गोयत (Meenakshi Goyat) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दिग्गज महिला पहलवान को 6-4 से हरा दिया। हार के तुरंत बाद विनेश फोगाट मैट से बाहर गईं, लेकिन कुछ ही पलों बाद वह दोबारा लौट आईं और उन्होंने संजय सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ‘मैं वापस आऊंगी,’ विनेश का ये रिएक्शन तेजी से वायरल हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद की वापसी
इस हार के साथ ही विनेश की वापसी की कोशिश और इस साल के आखिर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने का मौका खत्म हो गया। विनेश को सुप्रीम कोर्ट और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के दखल के बाद ही इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति मिली थी, लेकिन 31 वर्षीय विनेश की इस हार के साथ पिछले 48 घंटों के उतार-चढ़ाव भरे और भावनात्मक रूप से बेहद तनावपूर्ण दौर का अंत भी हुआ।
विनेश ने ट्रायल्स में ऐसे समय में हिस्सा लिया, जब उनकी भागीदारी को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई थी। डब्ल्यूएफआई ने शुरुआत में उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग तक ही सीमित रखा था, जिसका उन्होंने कड़ा विरोध किया। महासंघ के भीतर हुई चर्चाओं और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह के दखल के बाद, शनिवार सुबह इस फैसले को बदल दिया गया और उन्हें उनके पसंदीदा 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दे दी गई।
क्वार्टरफाइनल मुक़ाबले में निशु को हराया
शनिवार को पहले मुकाबले में विनेश ने ज्योति के खिलाफ 7-1 से शानदार जीत दर्ज की, लेकिन क्वार्टरफाइनल मुकाबला उनके लिए कहीं ज्यादा कठिन परीक्षा साबित हुआ। निशु का सामना करते हुए, विनेश को एक कड़े मुकाबले से गुजरना पड़ा, जिसका नतीजा आखिरी पलों तक अनिश्चित बना रहा। अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए, विनेश ने 7-6 से करीबी जीत हासिल की और टॉप-4 में अपनी जगह बनाई। विनेश एशियन गेम्स में जगह बनाने के अपने लक्ष्य से सिर्फ 2 जीत दूर रह गईं।
हालांकि, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, ट्रायल्स का माहौल और भी ज्यादा तनावपूर्ण होता गया। आयोजन स्थल से मिली रिपोर्ट्स के अनुसार, विनेश के क्वार्टरफाइनल मुकाबले के दौरान डब्ल्यूएफआई के कोचों और अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसने पहले से ही बेहद दबाव वाले इस मुकाबले में और भी ज्यादा नाटकीयता जोड़ दी।
मीनाक्षी गोयत को कड़ी टक्कर दी
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला मीनाक्षी गोयत से था, जिन्हें इस वर्ग में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माना जाता है। यह मुकाबला उम्मीदों के मुताबिक ही रहा, जिसमें दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देते हुए अंक हासिल किए। आखिर में, मीनाक्षी ने अपना संयम बनाए रखते हुए 6-4 से जीत दर्ज की और विनेश के एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने के सपने को तोड़ दिया।