नई दिल्ली। दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पारा चढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department) ने अगले पांच दिनों के लिए प्रचंड गर्मी व भीषण लू का रेड अलर्ट (Red Alert of Heat Wave) जारी किया है। इन पांचों राज्यों में सोमवार को औसत अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार रहा।
पढ़ें :- Writer Youth Parliament 2026 में Dr. Harmandeep Kaur और Schiwam Mz ने रचा सफलता का इतिहास
मौसम विभाग (Meteorological Department) के मुताबिक, अगले पांच दिन भीषण लू के चलते सुबह से ही दिन तपने लगेगा, जनजीवन प्रभावित होगा। मध्य प्रदेश, ओडिशा और गुजरात में भी पांच दिन लू के आसार हैं। पारा दो से तीन डिग्री तक चढ़ेगा। अधिकतम तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सोमवार को बारिश हुई, पर लू के अलर्ट (Red Alert of Heat Wave) के मद्देनजर स्कूलों का समय बदल दिया गया।
दिल्ली में लगातार दूसरे दिन पारा 47 डिग्री पार
दिल्ली में सोमवार को लगातार दूसरे दिन पारा 47 डिग्री के पार चढ़ा। दिल्ली के नजफगढ़ में सोमवार को अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं मुंगेशपुर में अधिकतम तापमान 47.1 डिग्री रहा। पीतमपुरा में 46.6 डिग्री, पूसा में 46.1 डिग्री, आया नगर में 45.7 डिग्री और पालम में तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया। दिल्ली सरकार ने जिन स्कूलों में ग्रीष्मावकाश नहीं हुए, उन्हें तत्काल प्रभाव से छुट्टियां करने का निर्देश दिया।
बंगाल की खाड़ी पर बुधवार से कम दबाव क्षेत्र बनने के आसार
पढ़ें :- 72nd National Film Awards : राज ठाकरे बोले- मुंबई के बाद दिल्ली का महत्व खत्म करने की कोशिश, संजय राउत ने कलाकारों से सेरेमनी बॉयकॉट करने की मांग
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (South-West Bay of Bengal) के ऊपर 22 मई के आसपास कम दबाव क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस दबाव के शुरुआत में उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और फिर 24 मई की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर में कमजोर होने की संभावना है। कोलकाता व आसपास के इलाकों में सोमवार को दिनभर बारिश हुई है।
केरल में 23 मई तक तेज बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग (Meteorological Department) के मुताबिक, 23 मई तक दक्षिण भारत में बहुत भारी वर्षा की उम्मीद है। केरल में सोमवार से बारिश शुरू भी हो गई। दो दिन यहां भारी बारिश का अनुमान है, जिससे भूस्खलन व महामारी की आशंका के बीच आपातकाल केंद्रों, अस्पतालों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।