लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए बांदा को बचाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि, बांदा के ‘प्राकृतिक उत्पीड़न’ के कारण स्थानीय पैदावार चक्र बुरी तरह प्रभावित होना शुरू हो चुका है और काम-कारोबार की कमी की वजह से लोग दूसरी जगह जा रहे हैं। इससे बांदा ‘प्राकृतिक पलायन’ का शिकार हो रहा है।
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अगर बांदा का शोषण-दोहन लगातार यूं ही होता रहा तो एक दिन दुनिया कहेगी: एक था बांदा। आज की धन लोभी भाजपा सरकार और उनके पालित-पोषित लालची ठेकेदारों द्वारा निर्मम उत्खनन के कारण बांदा को साज़िशन ख़त्म किया जा रहा है। ‘बांदा’ को मिटाया जा रहा है और दूसरी जगहों को बसाया जा रहा है।
उन्होंने आगे लिखा, बांदा के इस ‘प्राकृतिक उत्पीड़न’ के कारण स्थानीय पैदावार चक्र बुरी तरह प्रभावित होना शुरू हो चुका है और काम-कारोबार की कमी की वजह से लोग दूसरी जगह जा रहे हैं। इससे बांदा ‘प्राकृतिक पलायन’ का शिकार हो रहा है। इसी कारण की वजह से बांदा की हर संपत्ति का मूल्य भी घट रहा है और बांदा का मान भी।
बांदा के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व ऐतिहासिक गौरव और पर्यटन को बचाने के लिए स्थानीय नागरिक, पत्रकार, पर्यावरण संरक्षक, छात्र-युवा संगठन, महिला शक्ति, राजनीति से ऊपर उठकर सभी तरह के सांस्कृतिक-साहित्यिक आंदोलनकारी व सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई हस्तियां, क्लब और सोसाइटियां, सब एकजुट होकर सामने आएं और सक्रिय हों, नहीं तो पर्यावरण के नक्शे पर बांदा कहीं नहीं दिखेगा और प्राकृतिक-ऐतिहासिक के साथ-साथ अपना सामाजिक-आर्थिक महत्व भी हमेशा के लिए खो देगा।