नई दिल्ली। शेयर बाजार (Stock Market) में 30 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बीते 5 महीनों में बीएसई का मार्केट कैप करीब 91.13 लाख करोड़ कम हो गया है। भारतीय बाजार (Indian Market) में विदेशी निवेशकों का निवेश दो साल के निचले लेवल पर आ गया है। अक्टूबर 2024 के बाद से, भारत का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर कम हो गया है, जबकि चीन का 2 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया है।
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इस गिरावट की वजह से भारत को दुनिया के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले स्टॉक मार्केट (Stock Market) की लिस्ट में डाल दिया है। अमेरिकी डॉलर के टर्म में, निफ्टी में इस साल यानी 2025 में अबतक 6 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इसके साथ ही निफ्टी अब सभी इमर्जिंग मार्केट्स में तीसरा सबसे अधिक गिरावट वाला बाजार बन गया है। इससे अधिक गिरावट सिर्फ थाईलैंड और फिलीपींस के शेयर बाजार में आई है। थाईलैंड के शेयर बाजार में जहां लगभग 10% की गिरावट आई है। वहीं फिलीपींस का PSEi इंडेक्स इसी अवधि के दौरान 6.7% गिरा है।
BIG BREAKING 28 साल की सबसे बड़ी गिरावट! मंदी की आहट?
शेयर बाजार के डूबने का एक नया रेकॉर्ड बना।
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70 साल में कुछ नहीं हुआ कि नाम पर राजनीति करने वाले प्रधान मंत्री मोदी के काल में निफ्टी के शेयर इस तरह से डूबे हैं कि लोग 30 साल 35 साल का रेकॉर्ड खंगाल रहे हैं।
Nifty… pic.twitter.com/r3EgMkPFrh — 𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣 (@Murti_Nain) February 28, 2025
भारतीय शेयर मार्केट (Indian Stock Market) ने 30 साल बाद ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जिसके बारे में निवेशकों ने शायद कभी सोचा भी नहीं था। 30 बरस के बाद ऐसा हो रहा है कि भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में लगातार 5 महीनों तक बिकवाली हाई हो और शेयर बाजार ने लगातार नेगेटिव रिटर्न दिए हों। इससे पहले 1996 में ऐसा देखने को मिला था। इस बीच 2008 की वैश्विक मंदी आई, कोरोना काल आया। मगर इस तरह की गिरावट नहीं देखी। इस गिरावट के कई कारण हैं। मगर एक मुख्य कारण भारत सरकार का वह फैसला भी बताया जाता है, जिससे विदेशी निवेशक खफा नजर आए हैं।
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अलग-अलग विशेषज्ञों ने इस बात का जिक्र भी किया है, लेकिन इस बार अपनी सीधी-सपाट बातों के लिए प्रख्यात शख्सियत हेलियोस कैपिटल (Helios Capital) के संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ) समीर अरोड़ा ने सरकार के उसी फैसले पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलती की वजह से विदेशी निवेशक लगातार पांच महीनों से माल बेचकर भाग रहे हैं। अरोड़ा ने यह बात एक मीडिया हाउस के प्रोग्राम में कही है।
सरकार ने की ‘सबसे बड़ी गलती’
समीर अरोड़ा ने भारत सरकार के कैपिटल गेन टैक्स को “सबसे बड़ी गलती” बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह नीति निवेशकों के मनोबल को कमजोर कर रही है और भारतीय शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर शेयरों की बिकवाली का कारण बन रही है। अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने जो सबसे बड़ी गलती की है, वह है कैपिटल गेन टैक्स, खासकर विदेशी निवेशकों पर. यह 100% गलत है। उन्होंने बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार पांच महीनों से भारतीय शेयर बेच रहे हैं। पिछले दो महीनों में उनकी बिकवाली 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में गिरावट की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है लेकिन आज आपको कुछ ऐसा बताने जा रहे हैं, जो आप शायद ही जानते हों। हर तरफ हल्ला मचा हुआ है कि शेयर बाजार में 30 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बीते 5 महीनों में बीएसई (BSE)का मार्केट कैप करीब 91.13 लाख करोड़ कम हो गया है। इसका मतलब बीते 5 महीनों में बाजार से 91 लाख करोड़ की रकम साफ हो चुकी है।
फरवरी शेयर बाजार के लिए बना काल
शेयर बाजार (Stock Market) का यह कोहराम यूं तो अक्टूबर से चल रहा है, लेकिन फरवरी का महीना शेयर बाजार का काल बनकर साबित हुआ है। केवल फरवरी के महीनें में करीब 41 लाख करोड़ की चपत लग चुकी है। 31 जनवरी को बीएसई का मार्केट कैप 4,24,02,091.54 लाख करोड़ था। फरवरी के 28 दिनों में दोपहर के करीब 1.15 बजे तक 40,80,682.02 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
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देखें 5 महीनों का हाल
अब बात करते हैं अक्टूबर से लेकर जनवरी तक बाजार की चाल कैसी रही? आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी के महीनें में 17,93,014.9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं दिसंबर में निवेशकों के 4,73,543.92 लाख करोड़ रुपए डूबे। बात नवंबर की केवल यही एक महीना था जहां निवेशकों को करीब 1,97,220.44 लाख करोड़ का फायदा हुआ था। फरवरी के बाद सबसे खराब महीना जो रहा वो था अक्टूबर का। अक्टूबर में बीएसई का मार्केट कैप 29,63,707.23 लाख करोड़ रुपए कम हो गया। साल 1996 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब बाजार में लगातार 5 महीने से गिरावट देखी जा रही हो। इससे पहले बाजार की ऐसी हालत साल 1996 में देखने को मिली थी।
अक्टूबर से लगातार गिरावट
शेयर बाजार (Stock Market) में अक्टूबर महीने से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स में 4,910.72 अंक एवं 5.82 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि निफ्टी 1,605.5 यानी 6.22 की गिरावट देखी गई। नवंबर महीने की बात करें तो जहां सेंसेक्स में 0.52 फीसदी यानी 413.73 अंकों का इजाफा देखने को मिला। वहीं निफ्टी में 0.31 फीसदी यानी 74.25 अंकों की गिरावट देखने को मिली है। दिसंबर के महीने में सेंसेक्स 1,663.78 अंक यानी 2.08 फीसदी गिरा। जबकि निफ्टी में 486.3 अंक यानी 2.01 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। जनवरी के महीने में गिरावट का दौर देखने को मिला. सेंसेक्स 638.44 अंक यानी 0.82 फीसदी और निफ्टी 136.4 अंक यानी 0.58 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है।
लोकसभा चुनाव के दौरान अमित शाह ने कहा था 4 जून के पहले खरीद लें शेयर,स्टॉक मार्केट में आएगी तेजी
मई 2024 में एक इंटरव्यू के दौरान देश के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शेयर बाजार (Share Market) में जारी गिरावट को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि 4 जून 2024 के बाद स्टॉक मार्केट में तेजी आने वाली है। गृह मंत्री शेयर बाजार में जारी उथल-पुथल के पीछे का कारण तमाम तरह की अफवाहों को बताया था उन्होंने कहा था कि शेयर बाजार (Stock Market) में आने वाली गिरावट को चुनावों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है।
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा था कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब शेयर बाजार (Stock Market) टूटा है। इससे पहले भी स्टॉक मार्केट ने 16 बार गोते लगाए हैं, ऐसे में इसे चुनाव के साथ जोड़ना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण ऐसा हुआ है, तो 4 जून के पहले आप अपनी खरीद कर लीजिए, क्योंकि बाजार में तेजी आने वाली है। अमित शाह (Amit Shah) ने बाजार में तेजी का अनुमान लगाते हुए इसके पीछे की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा कि जब भी देश में स्थिर सरकार आती है, तो बाजार में उछाल आता है और हमारी सीटें 400 के पार जाने वाली है।