लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री जी लखनऊ की जगह चंदौली को राजधानी घोषित कर दें और जहां जाना हो चले जाएं लेकिन उप्र की जनता को यूं माफ़ियों की गोलियां खाने के लिए न छोड़ें।दरअसल, बीते दिन हुए चंदौली में बस मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस घटना को लेकर सपा नेता लगातार कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेर रहे हैं।
पढ़ें :- भोजपुरी स्टार रितेश पांडेय ने जन सुराज पार्टी से दिया इस्तीफा, बोले- राजनैतिक दल में सक्रिय रहकर काम करना बहुत मुश्किल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, उप्र में ‘सत्ता सजातीय’ और पुलिस का गठजोड़ साज़िश रचकर ‘जाति’ देखकर हत्या करवा रहा है। इसके लिए किसी को मिली सुरक्षा हटाने तक का षड्यंत्र किया जा रहा है। सत्ताधारियों को लग रहा है कि जब उनकी सरकार है तब न तो कोई जांच होगी और न ही कोई पकड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ये क्यों नहीं स्वीकार कर लेते हैं कि उप्र की बागडोर अपराधियों के हाथ में चली गयी है?
उप्र में ‘सत्ता सजातीय’ और पुलिस का गठजोड़ साज़िश रचकर ‘जाति’ देखकर हत्या करवा रहा है। इसके लिए किसी को मिली सुरक्षा हटाने तक का षड्यंत्र किया जा रहा है। सत्ताधारियों को लग रहा है कि जब उनकी सरकार है तब न तो कोई जाँच होगी और न ही कोई पकड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ये क्यों नहीं स्वीकार… pic.twitter.com/QghXMgtyMN
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 4, 2025
पढ़ें :- यूपी अब वैश्विक स्तर पर 'टेक डेस्टिनेशन' बनने की ओर है अग्रसर, डीप फेक पर जल्द लागू होगी सख्त नीति : जितिन प्रसाद
उन्होंने आगे लिखा, ऐसे शासन से अच्छी तो अराजकता होती है, जहां जनता सरकार के भरोसे तो नहीं होती है। सीसीटीवी के सबूत के बावजूद भी जब अपराधी पकड़ा नहीं जा रहा है, तो फिर न्याय के नाम पर उप्र में बचा क्या। उप्र की इंद्रिय शून्य सरकार को छोड़कर सबको मालूम है कि हत्यारा कौन है। उप्र की जनता इतनी असुरक्षित कभी न थी।
न्यायालय स्वत: संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई करे, यही हमारी पुरजोर मांग है। हत्यारे, संलिप्त पुलिस और भाजपाई माफ़िया कोई बचना नहीं चाहिए। अगर शासन ने कुछ नहीं किया तो वो भी इस अपराध में भागीदार माना जाएगा और सबसे कमज़ोर, हताश और लाचार शासन भी। जिसका इक़बाल नहीं, वो सरकार नहीं। मुख्यमंत्री जी लखनऊ की जगह चंदौली को राजधानी घोषित कर दें और जहां जाना हो चले जाएं लेकिन उप्र की जनता को यूं माफ़ियों की गोलियां खाने के लिए न छोड़ें।