उत्तर प्रदेश, गोरखपुर। सरकारी विभागों के बीच तालमेल की कमी का एक और मामला देखने को मिला है, जहां आम जनता के करोड़ों रुपये खर्च करके बिछाई गई पानी की पाइपलाइन सड़क निर्माण की वजह से अब खतरे में पड़ती हुई नजर आ रही है। लोक निर्माण विभाग के सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान नगर निगम की ओर से हड़हवा फाटक से गोरखनाथ थाना होते हुए एचएन सिंह चौराहे तक करीब सात करोड़ की लागत से बिछाई गई पाइपलाइन अब जगह-जगह टूट रही है। यह पाइपलाइन करीब 4.5 किलोमीटर लंबाई में सड़क के दोनों ओर बिछाई गई थी। यानी कुल मिलाकर करीब नौ किलोमीटर क्षेत्र में पानी की नई व्यवस्था तैयार की गई। लोगों को बेहतर जलापूर्ती उपलब्ध कराना इस परियोजना का मुख्य उदेश्य था लेकिन विभागों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय की कमी के कारण अब यह व्यवस्था मुश्किलों का कारण बनती जा रही है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए पुरानी सड़क से करीब एक से डेढ़ फीट मिट्टी हटाई जा रही है। इस खुदाई के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो रही है और पानी का रिसाव शुरू हो जा रहा है, जिससे जलकल विभाग को बार-बार मरम्मत करनी पड़ रही है। साथ ही पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पढ़ें :- BJP के लिए धर्म का मतलब धन है, गोरखपुर में इस बार हम लोगों ने परिणाम बदलने का लिया है संकल्प: अखिलेश यादव
स्थानीय पार्षद ऋषि मोहन वर्मा के अलावा उस क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह मामला केवल सड़क या पाइपलाइन का नहीं है, बल्कि शहर में हो रहे विकास कार्यों के बीच विभागीय समन्वय की कमी को बताता है। यदि समय रहते विभागों के बीच बेहतर तालमेल नहीं बनाया गया तो आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट आम जनता के पैसे और समय दोनों की बर्बाद कर सकता है। वहां के स्थानीय निवासी जयप्रकाश जायसवाल ने बताया कि इससे पहले पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़क खोदी गई थी और अब सड़क बनाने के नाम पर पाइपलाइन टूट रही है। आखिरकार इसका नुकसान जनता को ही भुगतना पड़ेगा। इस कार्य को शुरू करने से पहले विभागों को सबसे पहले आपस में योजना तैयार करनी चाहिए थी। वहीं, क्षेत्र के रहने वाले बृजेश सिंह ने कहा कि सरकारी कामों में अगर पहले से तालमेल हो तो करोड़ों रुपये की बर्बादी से बचा जा सकता है। एक विभाग विकास कार्य करता है और दूसरा विभाग उसी जगह दोबारा काम शुरू कर देता है। ऐसा करने से सिर्फ आम जनता ही परेशान होती है।
हांलाकि इस मामले को लेकर अब अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग की संयुक्त बैठक बुलाई गई है। ताकि पाइपलाइन को सुरक्षित रखा जा सके और रास्ता बनाने की कोई नई योजना तैयार की जा सके। स्थानीय पार्षद ऋषि मोहन वर्मा का कहना है कि अभी नगर निगम, जल निगम और लोक निर्माण विभाग की मदद से हड़हवा फाटक से गोरखनाथ थाना होते हुए एचएन सिंह चौराहे तक अभी काम कराया जा रहा है। जिसमें तीन विभागों के पलंबर अलग—अलग खराबियों को दूर कर रहें हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसी विभाग की गलती की वजह से पानी की आपूर्ति रूकी हुई है। इसके लिए किसी एक व्यक्ति को नामित करना चाहिए जो विभागों के बीच समन्वय स्थापित करके इस गड़बड़ी को जल्द से जल्द दूर कराए। साथ ही इसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी करना चाहिए ताकि कोई भी गड़बड़ी होने पर लोग उस नंबर पर शिकायत कर सकें।