लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर सियासत बढ़ने लगी है। विपक्षी दल के नेता इस मामले को लेकर भाजपा सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर इस मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, दुनिया भर के निवेशक भी अब अपना हाथ खींच रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि ऐसी सरकार का क्या भरोसा जिसने अपने भगवान के दानपात्र तक को नहीं छोड़ा।
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अखिलेश यादव ने कहा, अयोध्या के मंदिर से ‘चढ़ावा, चंदा, दान चोरी’ का समाचार समस्त विश्व में फैल चुका है। दुनिया के विभिन्न देशों में रहनेवाला सनातनी भाजपा और उनके संगी-साथियों के कृत्यों से हो रही बदनामी की वजह से शर्मसार हैं और इसलिए आहत भी कि उन्होंने भी मंदिर में दान-चंदा भिजवाया था या स्वयं आकर चढ़ाया था। इस प्रकरण से सम्पूर्ण विश्व में सनातन समाज आक्रोशित है क्योंकि धर्म के साथ देश को भी भाजपाई अधर्मियों के कारण अपयश का शिकार होना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे लिखा, दुनिया भर के निवेशक भी अब अपना हाथ खींच रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि ऐसी सरकार का क्या भरोसा जिसने अपने भगवान के दानपात्र तक को नहीं छोड़ा, वो कल को हमारे निवेश को क्या छोड़ेगी। भाजपा सरकार ने अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विश्वसनीयता पूरी तरह खो दी है।
इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, मिथ्या दोषारोपण के संदर्भ में किसीके संज्ञानार्थ। भाजपाइयों से गलती ये हुई है कि उन्होंने उससे झूठे आरोप लगवाए-बढ़वाए जिनका व्यक्तिगत रिकॉर्ड, ऐतिहासिक रूप से बदनाम है और जिनकी महाभ्रष्टाचारी सामाजिक-राजनीतिक दूषित छवि की वजह से उनके अपने दल के लोग ही, उन्हें आस-पास भटकने नहीं देते हैं। इनकी इतनी ही योग्यता और उपयोगिता है कि महाझूठ प्रसारण के लिए उनको लाउडस्पीकर की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें न तो उनकी आवाज़ होती है, न विचार। ये दूसरों के हाथ के उपकरण मात्र हैं। इनकी स्वयं की कोई व्यक्तिगत साख नहीं है, ये किसी शाख की उपशाख हैं।