नई दिल्ली। ईरान (Iran) ने साफ शब्दों में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान सागर (Sea of Oman) में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरानी सेना (Iranian Military) और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। अगर सुरक्षा सबके लिए नहीं होगी, तो किसी के लिए भी नहीं होगी।
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वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US Central Command) ने घोषणा की है कि अमेरिका सोमवार से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर नाकाबंदी (ब्लॉकेड) लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर नजर रखी जाएगी और उन्हें रोका जा सकता है। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वे जहाज जो ईरान के अलावा अन्य देशों के बंदरगाहों के बीच सफर कर रहे हैं, उन्हें आने-जाने की इजाजत दी जाएगी।
नेतन्याहू की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट
इजराइल की हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम (Hebrew University of Jerusalem ) के सर्वे में 61 फीसदी इजराइली नागरिकों ने लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ सीजफायर का विरोध किया। इस सर्वे में पीएम नेतन्याहू की लोकप्रियता में भी गिरावट आई है। सर्वे के मुताबिक, अभी 34 फीसदी लोग उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर पसंद करते हैं, जबकि ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के समय यह आंकड़ा 40 फीसदी था।
हिजबुल्लाह ने कई इजराइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए
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लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल के कई ठिकानों और बस्तियों पर एक साथ कई हमले किए हैं। हिजबुल्लाह के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने मिसगव आम बस्ती को निशाना बनाया। इसके अलावा, कफर गिलादी में इजराइली सैनिकों पर हमला किया गया। संगठन ने यह भी कहा कि उसने जारित इलाके में मौजूद इजराइली सैन्य बैरक को भी निशाना बनाया।