नई दिल्ली। IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार को बड़ा झटका लगा है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव (RJD chief Lalu Prasad Yadav) , बेटे तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी सहित 9 आरोपियों के खिलाफ गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने आरोप तय किए हैं।
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इस मामले में सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल्स समेत अन्य आरोपी भी शामिल हैं। कोर्ट ने IRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय किए। राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर को लिस्ट किया।
सात आरोपियों को किया गया आरोप मुक्त
वहीं कोर्ट ने इस मामले में 7 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया। कोर्ट ने माना ऐसा नहीं लगता है कि लालू यादव के खिलाफ जांच राजनीति से प्रभावित थी। कोर्ट ने कहा लारा प्रोजेक्ट को जिस तरफ फायदा पहुंचा वह लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा करता है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया, अब हिसाब देना पड़ेगा?
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कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणी के बाद इस मामले में बिहार बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया दी गई है। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि दिल्ली की अदालत ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय कर दिए हैं। यह कोई राजनीतिक आरोप नहीं है, अदालत का आदेश है। इस परिवार की परंपरा रही है। लालू यादव के रेल मंत्री रहते कई लोगों की जमीन हड़प ली गई। अब इसका हिसाब इनको देना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव जो युवा चेहरा बनकर बड़ी बड़ी बाते करते हैं पहले वो सफाई दें कि उन्होंने कितनी जमीन हड़पी और क्या किया है। देश की अदालत उनको सजा सुनाने वाली है। बिहार की जनता जानती है कि भाजपा की जीरो टॉलरेंस की नीति है… और ये तो अदालत का आदेश है… अदालत सजा देगी।