ISI Agent Mufti Shah Mir killed: पाकिस्तान में छिपे बैठे भारत के दुश्मनों का एक-एक करके सफाया हो रहा है। बीते कुछ महीनों में कई आतंकियों और साजिशकर्ताओं की उनके गढ़ में अज्ञात हमलावारों ने मौत के घाट उतारा है। इसी कड़ी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक अंडरकवर एजेंट मारे जाने की खबर है। जिसका नाम मुफ्ती शाह मीर बताया जा रहा है, जोकि कुलभूषण जाधव के अपहरण में शामिल था।
पढ़ें :- IND vs PAK Match Row : आईसीसी आज शाम PCB के साथ करेगा अहम बैठक, BCB के शामिल होने की उम्मीद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बलूचिस्तान के तुर्बत में अज्ञात हमलावरो ने मुफ्ती शाह मीर की गोलियों से भुन डाला। यह हमला उस वक्त हुआ जब शाह मीर पर शुक्रवार को नमाज पढ़कर के बाद मस्जिद से बाहर आ रहा था। गोली लगने के बाद शाह को गंभीर हालत में तुर्बत के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। स्थानीय पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और हमलावरों को पकड़ने के तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, हमलावरों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पायी है।
स्थानीय मीडिया मुफ्ती शाह मीर को तुर्बत और बलूचिस्तान का जानामाना धार्मिक विद्वान बताने में जुटी है, लेकिन शाह पर बलूचिस्तान में आतंक को बढ़ावा देने के आरोप लगे थे। वह पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट के तौर पर काम करता था। आईएसआई के एजेंट के तौर पर भारत के नेवी अफसर कुलभूषण जाधव को ईरान से अगवा कर पाकिस्तान लाने में भी उसका हाथ होने का दावा किया जाता है। शाह नेशनल असेंबली के मेंबर और सीनियर नेता मौलाना फजलुर्रहमान का करीबी माना जाता था।
शाह मीर आईएसआई के इशारे पर अवैध तरीके से लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के साथ-साथ ड्रग्स और हथियारों की तस्करी भी करता था। इसके अलावा, वह पाकिस्तान में चल रहे आतंकवादी ट्रेनिंग सेंटरों का भी चक्कर लगाता रहता था। बताया जाता है कि मुफ्ती शाह मीर भारतीय नागरिक और नेवी अफसर कुलभूषण जाधव की किडनैपिंग में भी शामिल रहा था। आईएसआई के एजेंट के तौर पर कुलभूषण जाधव को ईरान से अगवा कर पाकिस्तान लाने में भी उसका हाथ था।