Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. क्रिकेट
  3. मोहम्मद शमी को ‘अपराधी’ कहने वाले मौलाना की जावेद अख्तर ने लगाई क्लास, बोले- ‘मूर्खों पर ध्यान मत दो…’

मोहम्मद शमी को ‘अपराधी’ कहने वाले मौलाना की जावेद अख्तर ने लगाई क्लास, बोले- ‘मूर्खों पर ध्यान मत दो…’

By Abhimanyu 
Updated Date

Javed Akhtar’s reaction on Roza controversy: भारत के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान एनर्जी ड्रिंक पीते हुए नजर आए थे। जिसके बाद रमजान के महीने में रोजा न रखने पर लोगों ने शमी को ट्रोल किया, जबकि ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने क्रिकेटर को अपराधी तक कह दिया था। हालांकि, कई जानी-मानी हस्तियों ने शमी का समर्थन किया है। इसी कड़ी में भारत के मशहूर पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने क्रिकेटर को आलोचकों की बात पर ध्यान न देने की सलाह दी है।

पढ़ें :- अपने बूथ पर काम करें, 2027 में कोई चूक नहीं होनी चाहिए...प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं से बोले अखिलेश यादव

जावेद अख्तर ने रोजा न रखने के विवाद में मोहम्मद शमी का समर्थन करते आलोचकों की जमकर क्लास लगाई है। उन्होंने एक्स हैंडल पर एक ट्वीट में लिखा, “शमी साहब, उन कट्टरपंथी मूर्खों की बातों पर ध्यान मत दो जिन्हें दुबई के जलते हुए दोपहर में क्रिकेट के मैदान पर पानी पीने से दिक्कत है। यह उनका काम नहीं है। आप उस महान भारतीय टीम का हिस्सा हैं जो हम सभी को गौरवान्वित कर रही है। मेरी शुभकामनाएं आपके और हमारी पूरी टीम के साथ हैं।”

पढ़ें :- US-Greenland Conflict : ग्रीनलैंड पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, बोले-'अमेरिकी नियंत्रण से कम कुछ भी नामंजूर'

बता दें कि 4 मार्च को दुबई में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया के सेमी फाइनल मैच में शमी को एनर्जी ड्रिंक पीते हुए देखा गया, वो भी रमजान के पवित्र महीने में तो मुस्लिम धर्मगुरु शमी पर बरस पड़े। हालांकि, तमाम मुस्लिम धर्मगुरु, नेता और अन्य लोगों ने शमी का समर्थन किया है। इस बीच कांग्रेस नेत्री शमा मोहम्मद ने रोजा विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी और मोहम्मद शमी का समर्थन किया था।

शमा मोहम्मद ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘इस्लाम में रमजान के दौरान एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात होती है। जब हम यात्रा कर रहे होते हैं, तो हमें रोजा रखने की जरूरत नहीं होती है, इसलिए मोहम्मद शमी यात्रा कर रहे हैं और वह अपने घर पर नहीं हैं। वह एक ऐसा खेल खेल रहे हैं जिसमें उन्हें बहुत प्यास लग सकती है। कोई भी इस बात पर जोर नहीं देता कि जब आप कोई खेल खेल रहे हों, तो आपको रोजा रखना ही होगा। आपके कर्म ही बहुत महत्वपूर्ण हैं।’

Advertisement