मुंबई: स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने कई अमर गीत गाए हैं। 6 फरवरी को लता मंगेशकर को स्वर्ग सिधारे तीन साल हो गए हैं। उनके शानदार सफर का जश्न मनाते हुए जबलपुर के कलाकार रामकृपाल नामदेव ने लता मंगेशकर के जी वन से जुड़ी कई घटनाओं को कैनवास पर उकेरा। उन्होंने गायिका की करीब 1436 तस्वीरों को मिलाकर एक खूबसूरत पेंटिंग बनाई। यह पेंटिंग लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुकी है। इतना ही नहीं, इस पेंटिंग को एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिल चुकी है। रामकृपाल नामदेव ने बताया कि वे लता मंगेशकर के गाने सुनते थे और उनकी आवाज उन्हें इतनी खूबसूरत लगी कि उन्हें लता मंगेशकर की पेंटिंग बनाने का ख्याल आया।
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रामकृपाल नामदेव ने आगे बताया कि वे अपनी एक पेंटिंग लता मंगेशकर के पास भी ले गए। हालांकि वे गायिका से मिल नहीं पाए, लेकिन उन्होंने अपनी पेंटिंग उनके सचिव के जरिए उन्हें भिजवाई। कलाकार ने सचिव से कहा था कि अगर लता मंगेशकर पेंटिंग पर हस्ताक्षर कर दें तो यह बड़ी कृपा होगी, हालांकि, उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और कहा कि पेंटिंग इतनी सुंदर है कि अगर वह हस्ताक्षर कर देंगी तो इसकी सुंदरता कम हो जाएगी। बाद में रामकृपाल नामदेव ने खुद ही पेंटिंग गायिका को दे दी, जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए।
रामकृपाल नामदेव ने शौकिया चित्रकार होने के बावजूद पेंटिंग बनाई। उन्होंने इसे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। कलाकार ने आगे बताया कि वे ‘चित्र लतिका’ नाम से एक श्रृंखला चलाते हैं, जिसके तहत देश के कई बड़े शहरों में लता मंगेशकर की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगाई जा चुकी है। इनमें मुंबई की जहांगीर आर्ट गैलरी, पु ल देशपांडे आर्ट गैलरी, दिल्ली की ललित कला अकादमी, कोलकाता की जामिनी रॉय आर्ट गैलरी, अहमदाबाद का रविशंकर रावल आर्ट भवन और जबलपुर का हीरालाल राय आर्ट विविका शामिल हैं।