Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र में आज शुक्रवार को विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव होना है। इस चुनाव में एक बार फिर एनडीए और इंडिया गठबंधन आमने-सामने हैं। वहीं, विधान परिषद के चुनाव से पहले रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी जोरों पर चल रही है।
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दरअसल, महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 सीटों पर 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। एक तरफ भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 9 प्रत्याशी उतारे हैं तो वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन ने 3 उम्मीदवारों को खड़ा किया है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की पूरी संभावना नजर आ रही है। इसी बीच एनडीए और इंडिया गठबंधन ने अपने-अपने विधायकों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि उन्हें क्रॉस वोटिंग में शामिल होने से रोक जा सके है।
बताया जा रहा है कि एनसीपी (अजित पवार) के विधायक बस में सवार होकर होटल ललित से विधानसभा के लिए निकल चुके हैं। वोटिंग से पहले भाजपा ने अपने विधायकों को कोलाबा के ताज प्रेसीडेंसी होटल में रखा है। शिवसेना ने बांद्रा के ताज लैंड्स एन्ड में अपने विधायकों को रखा है। इसके अलावा शिवसेना (UBT) के विधायक परेल के ITC ग्रैंड मराठा में ठहरे हुए हैं, जबकि अंधेरी एयरपोर्ट स्थित होटल ललित में एनसीपी (अजित पवार) के विधायक रहेंगे।
एमएलसी चुनाव के लिए आज सुबह से शाम 4 बजे तक विधान परिषद चुनावों के लिए वोटिंग होनी है। मुंबई में भारी बारिश के बीच शिवसेना-यूबीटी (उद्धव ठाकरे) के नेता मिलिंद नार्वेकर ने वोटिंग का समय बढ़ाने की मांग की है।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नंबर गेम
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महाराष्ट्र विधानसभा की मौजूदा स्थिति 274 है। यानी एक एमएलसी सीट जीतने के लिए, प्रथम वरीयता के आधार पर कम से कम 23 विधायकों का समर्थन जरूरत है। एनडीए की बात करें तो भाजपा के 103 विधायक, एनसीपी (अजित पवार) के 40 विधायक और शिंदे की शिवसेना के 38 विधायक हैं। वहीं, अन्य सहयोगी दलों और निर्दलीय विधायकों को मिलाकर एनडीए के पास 203 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है। लेकिन 9 एमएलसी सीटें जीतने के लिए एनडीए को चार और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। जिसे लेकर शरद पवार और उद्धव ठाकरे की पार्टी ही नहीं कांग्रेस विधायकों पर भी क्रॉस वोटिंग का खतरा बना हुआ है।
इंडिया गठबंधन के विधायकों की बात करें तो उनके पास 72 विधायकों का ही समर्थन है। इसमें कांग्रेस के 37 विधायक, शिवसेना-यूटीबी के 16 विधायक और एनसीपी (शरद पवार) के 12 विधायक हैं। इसके अलाव समाजवादी के दो, सीपीएम के दो और तीन अन्य विधायकों का समर्थन है। विपक्षी गठबंधन के विधायकों की संख्या के आधार पर तीनों सीटें जीतने की संभावना है।