Maharashtra Politics : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बावजूद महायुति अब तक यह तय नहीं कर पाया है कि अगला सीएम कौन होगा? भाजपा इस बार अपना सीएम चाहती है, लेकिन शिवसेना ने मौजूदा सीएम एकनाथ शिंदे को बरकरार रखने का दबाब बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि, अजित पवार की एनसीपी ने सीएम पद के लिए भाजपा को अपना समर्थन दे दिया है।
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दरअसल, विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रिकॉर्ड 132 सीटें जीतीं हैं, जोकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे) की 57 सीटों और एनसीपी (अजित पवार) ने 41 सीटों से से बहुत ज्यादा है। ऐसे में भाजपा का सीएम पद के लिए दावा करना स्वाभाविक है, लेकिन शिवसेना सीएम पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में भाजपा को कोई भी फैसला लेने से पहले महायुति के सभी घटकदलों के नेताओं से सहमति लेना चाहेगी।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में भाजपा नेतृत्व ने देवेंद्र फडणवीस का नाम फाइनल कर लिया है, जबकि शिवसेना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फडणवीस को सीएम बनाने को लेकर उनसे कोई सलाह नहीं ली गई है। पार्टी ने अभी सीएम के लिए किसी नाम पर फैसला भी नहीं किया है। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद अपने सहयोगियों, खासकर शिवसेना को नाराज नहीं करना चाहता।
एकनाथ शिंदे शिंदे मराठा समुदाय से आते हैं, ऐसे में मराठा आरक्षण आंदोलन और अन्य परिस्थितियों में मराठा नेतृत्व का दावा काफी मजबूत है, जिसको देखते हुए भाजपा नेतृत्व कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिशों में जुटा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में सोमवार रात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी के शादी में महाराष्ट्र के प्रमुख नेता भी पहुंचे थे।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ इन नेताओं की नए सीएम को लेकर चर्चा हुई। भाजपा ने जो फॉर्मूला तैयार किया है, उसमें शिंदे को केंद्र में लाकर उनके बेटे को डिप्टी सीएम बनाया जाए और भाजपा का ही सीएम बनाया जाए। यह भी चर्चा है कि शिंदे को फिलहाल न हटाया जाए और बाद में बदलाव किया जाए।
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भाजपा नेतृत्व ने दिल्ली में एक बैठक बुलाई है जिसमें देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार शामिल रहेंगे। इसमें कैबिनेट को लेकर भी बातचीत हो सकती है। इसके बाद ही अगले सीएम के नाम का भी ऐलान हो सकता है।