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मायावती का बड़ा खुलासा- अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास रुकवाने के लिए अपनाए क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे, फिर डैमेज कंट्रोल में लिया फैसला

By Abhimanyu 
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BSP infighting : आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आयी है। जिसको लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती आएदिन नए खुलासे कर रही हैं। इसी कड़ी में मायावती ने शुक्रवार को कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास रुकवाने के लिए अपनाए क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे अपनाए थे और संन्यास की घोषण में देरी की थी। वहीं, बाद में जब बात नहीं बन पायी तो उन्होंने ये सोचकर संन्यास ले लिया कि ज्यादा नुकसान हो जाएगा।

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यूपी की सीएम मायावती ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘जिस दिन बी.एस.पी. ने श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी थी तो उस दिन इन्होंने इनके उपर काफी दबाव पड़ने के बावजूद भी अपने संन्यास लेने की घोषणा तब तत्काल नहीं की थी। क्योंकि उस दिन यह पूरी रातभर इसे रुकवाने के लिए क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करते रहे जिसमें कामयाबी नहीं मिलने पर, फिर मजबूरी में, अगले दिन यह सोच कर इनको लगभग प्रातः 6ः30 बजे अपने संन्यास की काफी किन्तु-परन्तु वाली घोषणा करनी पड़ी है, कि कहीं ज्यादा देरी होने पर और भी बड़ा नुकसान ना हो जाये, जिसके बारे में सही समय आने पर पार्टी के लोगों को और भी बहुत कुछ ज़रूर बताया जायेगा।’

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बता दें कि बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद और आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। गुरुवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी घोषणा की। अशोक सिद्धार्थ ने बसपा सुप्रीमो मायावती को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा- “बहन जी का हर आदेश मेरे लिए अंतिम है।” मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर के राजनीति से संन्यास पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ का यह कदम देर से लिया गया सही कदम है और अगर वह पहले ही ये कदम उठा लेते तो बसपा., बहुजन समाज व बहुजन मूवमेन्ट तथा उनके दामाद आकाश आनन्द को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। इसके साथ ही उन्होंने भतीजे आकाश को लेकर् कहा कि आकाश आनन्द को पार्टी व मूवमेन्ट के वास्तविक हित तथा इससे जुड़े अपने कैरियर की भी परवाह कम तथा रिश्ते-नातों आदि का मोह ज़्यादा है।’ आकाश आनन्द पर डबल माइण्ड होने का आरोप लगाते हुए मायावती ने उन्हें बसपा से निकाल दिया है।

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