लखनऊ। लखनऊ में मेट्रो के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को एक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने लखनऊ, आगरा और कानपुर मेट्रो की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, मेट्रो सेवाओं के विस्तार में निजी क्षेत्र सहयोग का उत्सुक हैं। हमें उनका सहयोग लेना चाहिए।
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साथ ही कहा, लखनऊ में चारबाग से चौक होते हुए वसंतकुंज तक मेट्रो के नए चरण के लिए डीपीआर तैयार कराएं। अंडरग्राउंड/एलिवेटेड की उपयुक्तता के परीक्षण कराएं। यथाशीघ्र प्रस्ताव तैयार कराकर प्रस्तुत करें। यह फेज एक बड़ी आबादी की अत्याधुनिक नगरीय परिवहन की सुविधा से जोड़ने वाला होगा।
उन्होंने कहा, वर्तमान में लखनऊ में संचालित हो रही मेट्रो को एक ओर आईआईएम तक तथा दूसरी ओर एसजीपीजीआई तक विस्तार दिया जाना चाहिए। निजी क्षेत्र की अनेक कंपनियां इसके लिए सहयोग देने को इच्छुक हैं। ऐसे में हमें पीपीपी मोड पर विस्तारीकरण के लिए विचार करना चाहिए। मेट्रो रेल परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों को और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। पैसेंजर सर्विस और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। भूमिगत मेट्रो परियोजनाओं के लिए कार्य करते समय सभी सुरक्षा प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं।
साथ ही कहा, मानकों का कड़ाई से अनुपालन किया जाना चाहिए। कानपुर और आगरा में मेट्रो के दो-दो नए फेज पर कार्य जारी है। जनहित के किसी भी प्रोजेक्ट के लिए कोई धनाभाव नहीं है। धनराशि समय पर जारी की जाए। संवाद, समन्वय के साथ तय समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा कराएं। गौतमबुद्ध नगर व 17 नगर निगमों में इलेक्ट्रिक बसों तथा ई-रिक्शा को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।