Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति बने मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, जमात उम्मीदवार ओली अहमद को बड़े अंतर से हराया

बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति बने मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, जमात उम्मीदवार ओली अहमद को बड़े अंतर से हराया

By santosh singh 
Updated Date

ढाका: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (Mirza Fakhrul Islam Alamgir) ने राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) में बड़े अंतर से जीत हासिल की है। उन्हें 255 वोट मिले। जबकि बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी (Bangladesh Jamaat-e-Islami) के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को 88 वोट मिले। राष्ट्रपति चुनाव के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन (Chief Election Commissioner and Election Official AMM Nasir Uddin) ने संसद में तीन घंटे तक चली वोटिंग के बाद नतीजे घोषित किए। राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) के लिए वोटिंग आज शाम 5:00 बजे खत्म हुई।

पढ़ें :- गंगा जल तय करेगा बांग्लादेश-भारत के साथ अच्छे रिश्तों का भविष्य, आने वाले महीनों में पानी की राजनीति दोनों देशों में बन सकती है बड़ा मुद्दा

349 सांसदों ने की वोटिंग

एएमएम नासिर उद्दीन ने बताया कि सभी 349 सांसदों ने तीन पारदर्शी मतपेटियों में अपने वोट डाले। जारी किए गए मतपत्रों में से 343 का इस्तेमाल हुआ और छह का इस्तेमाल नहीं हुआ। नासिर उद्दीन ने कहा कि इस्तेमाल किए गए सभी 343 मतपत्र वैध माने गए। राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) अधिनियम, 1991 की धारा 10 के तहत चार मतपत्र बदले गए। वोटिंग और गिनती के दौरान तीन चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के सचिव मौजूद थे।

मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर हैं BNP के कद्दावर नेता

मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (Mirza Fakhrul Islam Alamgir) बीएनपी (BNP)  के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले महासचिव रहे हैं। वे ठाकुरगांव-1 निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। तारिक रहमान (Tariq Rahman) के नेतृत्व वाली सरकार में स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारी मंत्री रूप में कार्यरत हैं । अपने पिछले कार्यकाल में, 2001 से 2006 तक, उन्हें कृषि मंत्रालय और बाद में नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्रालय के प्रभारी राज्य मंत्री भी नियुक्त किया गया था।

पढ़ें :- मोहम्मद यूनुस ने हर द‍िन संविधान की उड़ाई धज्जियां, बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, बोले- वे स्वतंत्र रूप से नहीं जारी कर पा रहे थे प्रेस रिलीज

फखरुल इस्लाम आलमगीर का राजनीतिक सफर

फखरुल इस्लाम आलमगीर (Mirza Fakhrul Islam Alamgir)  ढाका विश्वविद्यालय (Dhaka University) से छात्र राजनीति में सक्रिय हुए। वे तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान छात्र संघ (ईपीएसयू) के सदस्य थे। इसे अब बांग्लादेश छात्र संघ के नाम से जाना जाता है। वह विश्वविद्यालय में संगठन की एसएम हॉल इकाई के महासचिव चुने गए थे। आलमगीर ईपीएसयू में धीरे-धीरे आगे बढ़े और अयूब खान प्रशासन के खिलाफ 1969 के विद्रोह के चरम पर , उन्हें संगठन के ढाका विश्वविद्यालय (Dhaka University) अध्यक्ष के रूप में चुना गया। 1972 में, आलमगीर ढाका कॉलेज में अर्थशास्त्र के शिक्षक बन गए।

जियाउर रहमान की सरकार में कर चुके हैं काम

आलमगीर ने राष्ट्रपति जियाउर रहमान (President Ziaur Rahman) के प्रशासन में सेवा की । उन्होंने उप प्रधानमंत्री एसए बारी और राज्य मंत्री अमीरुल इस्लाम कमाल के सचिव के रूप में काम किया। इसके बाद, आलमगीर ने ठाकुरगांव सरकारी कॉलेज में अर्थशास्त्र पढ़ाया और बांग्लादेश सरकार के निरीक्षण और लेखापरीक्षा निदेशालय में लेखा परीक्षक के रूप में और यूनेस्को में 1986 तक काम किया।

पढ़ें :- बांग्लादेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 17 फरवरी को, भारत समेत 13 देशों को भेजा गया न्योता
Advertisement