Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Somvar Shiv Puja special : सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है, जानें कारण

Somvar Shiv Puja special : सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है, जानें कारण

By अनूप कुमार 
Updated Date

Somvar Shiv Puja special :  सनातन धर्म में देवों के देव महादेव शिव जी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। भगवान शिव को संहारक होने के साथ-साथ करुणा और कृपा का प्रतीक भी माना जाता है। भक्त उन्हें “भोलेनाथ” कहकर भी पुकारते हैं क्योंकि वे सच्चे मन से की गई भक्ति से जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। सप्ताह में सोमवार का दिन शिव जी की पूजा के लिए समर्पित है।

पढ़ें :- Vaishakh Budh Pradosh Vrat :  बुध प्रदोष व्रत 15 अप्रैल को पालन किया जाएगा , इस खास उपाय से धन की समस्या से मिलेगा छुटकारा

भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है और यही चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान है। चंद्रमा के शीतल स्वभाव के कारण, उन्हें महादेव के सिर पर स्थान दिया गया ताकि वह उनके शरीर को ठंडक प्रदान कर सकें। शिव द्वारा चंद्रमा को धारण करना यह संदेश भी देता है कि वे हमारे मन और भावनाओं को नियंत्रित और संतुलित करते हैं। इसलिए शिव जी की पूजा करने से मन संतुलित और नियंत्रित होता है।

सोमवार  शिव से जुड़ाव
सप्ताह के दिन “सोमवार” शब्द का संबंध “सोम” यानी चंद्रमा से माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग : चंद्रमा ने प्रभास क्षेत्र में शिव की आराधना की, जहाँ शिव ने उन्हें मस्तक पर
शिवजी ने चंद्रमा को 15 दिन बढ़ने और 15 दिन घटने का वरदान दिया, जिससे वे पूरी तरह नष्ट न होकर पुनर्जीवित होते रहते हैं। यह मंदिर न केवल एक ज्योतिर्लिंग है, बल्कि चंद्रमा के रोगमुक्ति के स्थान के रूप में भी जाना जाता है।

भगवान शिव को “चंद्रशेखर” भी कहा जाता है और सोमवार का दिन उनकी पूजा के लिए विशेष माना गया।

पढ़ें :- Satuwai Amavasya 2026 : सतुवाई अमावस्या के दिन करें सत्तू का दान , माना जाता है बहुत शुभ

व्रत और आस्था का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवार का व्रत रखने से व्यक्ति को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली प्राप्त होती है। खासतौर पर अविवाहित लड़कियां अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। वहीं, विवाहित महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली के लिए शिव जी की पूजा करती हैं।

16 सोमवार व्रत की मान्यता
पौराणिक शिवसाहित्य में वर्णित है कि व्रत और उपासना की श्रंखला में जो भक्त लगातार 16 सोमवार तक व्रत रखकर शिव जी की पूजा करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। इस व्रत में श्रद्धा और नियम का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। यह परंपरा आज भी लोगों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है।

पूजा विधि और नियम
सोमवार के दिन सुबह स्नान कर भगवान शिव की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा, शमीपत्र, अर्पित किया जाता है। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। व्रत रखने वाले लोग दिनभर उपवास रखते हैं और शाम को पूजा के बाद ही भोजन करते हैं।

सकारात्मक बदलाव
सोमवार का दिन भगवान शिव की भक्ति के लिए सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाती है।

पढ़ें :- Shani Uday 2026 : शनि उदयवान होने जा रहे 22 अप्रैल को, इन राशियों की चमकेगी किस्मत
Advertisement