नई दिल्ली। महाकुंभ (Maha Kumbh) में भगदड़ मचने के चलते कई लोगों की मौत हो गई थी। जिस पर सदन से लेकर सड़क तक देश में सियासत जारी है। सत्ता पक्ष विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है। इसी बीच पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव (Purnia Lok Sabha MP Pappu Yadav) ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) के मोक्ष वाले बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे बाबाओं तथा महाकुंभ (Maha Kumbh) में जाने वाले नेताओं एवं पैसे वाले लोगों को डुबकी लगाकर मर जाना चाहिए और मोक्ष में चले जाना चाहिए।
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बता दें कि ये टिप्पणी उन्होंने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान की। हालांकि इस दौरान उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) का नाम नहीं लिया। पप्पू यादव ने कहा ‘मैं एक बाबा का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कोट करता हूं। एक बाबा ने कहा है कि जो महाकुंभ (Maha Kumbh) में मरे हैं उन्हें मोक्ष मिल गया। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि बाबा और जो नेता और पैसे वाले लोग वहां जाते हैं। उनको डुबकी लगाकर मर जाना चाहिए । ताकि इन लोगों का कल्याण हो जाए और ये मोक्ष में चले जाए। मैं चाहता हूं कि ऐसे बाबाओं को मोक्ष में चले जाना चाहिए।
मौत के आंकड़ों पर पप्पू यादव ने उठाए सवाल, कहा- मृतकों की संख्या 300 से 600 से थी
सांसद के इस बयान पर सदन में सत्ता पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। वहीं उनके बयान पर पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल (Presiding Chairman Jagdambika Pal) ने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पप्पू जी बाबाओं को आशीर्वाद दे रहे हैं। पप्पू यादव ने इस दौरान महाकुंभ में भगदड़ में मरने वालों की संख्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 300 से 600 से थी। उन्होंने कहा कि जब नेहरु देश के प्रधानमंत्री थे तब कुंभ का बजट 487 करोड़ हुआ करता था, आज महाकुंभ का बजट 10 हजार करोड़ है। नेहरु के समय जब लोग मरे थे तब गिनती थी। उस समय दुनिया में सोशल मीडिया और इतने मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं थे। सांसद ने कहा कि आज सब इतना आधुनिक हो गया है फिर भी एक बार भी मरने वालों की गिनती नहीं हुई। सांसद ने कहा कि यह उनका कहना नहीं है बल्कि लोगों का कहना है।
‘बात कर रहे हैं तो उसका होना चाहिए आधार ’
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उनके इस बयान पर पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल (Presiding Chairman Jagdambika Pal) ने सवाल किया कि आपके पास क्या सबूत है, दिखाइये? इस जानकारी का क्या आधार है? पाल ने कहा कि आप अपने मन से कह देंगे के 300 से 600 लोग मर गए। अगर आप कोई बात कर रहे हैं तो उसका आधार होना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने कही थी ये बात
दरअसल प्रयागराज में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन संगम नोज पर देर रात में भगदड़ मच गई थी। इस हादसे पर सरकार के तरफ जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक करीब 30 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं कई लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने कहा था कि एक दिन मौत सबकी आएगी सभी को मरना है, लेकिन जो गंगा के किनारे मरेगा तो वो मरेगा नहीं बल्कि मोक्ष पाएगा। यहां जो लोग मरे हैं उनकी मृत्यु नहीं हुई है बल्कि उन्हें मोक्ष मिला है।