चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता नैनार नागेंद्रन (Nainar Nagendran) बीजेपी की राज्य ईकाई के नए प्रमुख होंगे। नैनार नागेंद्रन (Nainar Nagendran) तमिलनाडु की लोकप्रिय मुख्यमंत्री रहीं जयललिता के निधन के बाद बीजेपी के आए थे। राज्य मे बीजेपी और एआईएडीएमके (AIADMK) के फिर करीब आने पर अन्नामलाई की विदाई तय हो गई थी। इसके बाद पहले मुरुगन का नाम चर्चा में आया था, लेकिन आखिर में बाजी नैनार नागेंद्रन (Nainar Nagendran) के हाथों में आई। नैनार नागेंद्र थेवर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। नागेंद्रन की उम्र 64 साल है। वे अक्तूबर में 65 साल के होंगे।
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तमिल राजनीति का लंबा अनुभव
नैनार नागेंद्रन (Nainar Nagendran) अभी तिरुनेलवेली से विधायक है। वे 2021 में तीसरी बार जीते थे। 19 मई 2001 से 12 मई 2006 तक, उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्रियों जे. जयललिता और ओ पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में तमिलनाडु के मंत्री के रूप में कार्य किया। वह 3 जुलाई 2020 से बीजेपी तमिलनाडु (TNBJP) के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने 2006 और 2011 में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) उम्मीदवार के रूप में और 2021 में बीजेपी उम्मीदवार के रूप में तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीता है। ऐसे में नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु की राजनीति का लंबा अनुभव है।
2017 में बीजेपी की सदस्यता ली
नागेंद्रन ने अगस्त 2017 में बीजेपी र्टी में शामिल होने के लिए एआईएडीएमके पार्टी छोड़ दी थी। एआईएडीएमके उम्मीदवार के रूप में नागेन्द्रन 2001 और 2011 के राज्य विधानसभा चुनावों में तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा सदस्य (MLA) के रूप में चुने गए थे।वह 2011 से जयललिता के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान मंत्रिमंडल के सदस्य नहीं थे, लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी मृत्यु और उसके बाद पार्टी के दिशाहीन होने के कारण ही 2017 में वह भाजपा में आ गए थे। 2021 में भाजपा उम्मीदवार के रूप में नागेन्द्रन डीएमके उम्मीदवार को 23,107 मतों के अंतर से हराकर तीसरी बार तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से तमिलनाडु राज्य विधानसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद वे तमिलनाडु विधानसभा में भाजपा सदस्यों के नेता बने थे।
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विवादों में आया कई बार नाम
2006 में नैनार नागेंद्रन के ऊपर आय से अधिक संपति अर्जित करने के आरोप लगे थे। तब तमिलनाडु के सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने चेन्नई, कोच्चि और दक्षिणी तिरुनेलवेली जिले के उनके पैतृक स्थानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद नागेंद्रन और उनके चार रिश्तेदारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। नैनार नागेंथ्रन ने जनवरी 2018 में अंडाल पर विवादास्पद टिप्पणी के लिए प्रशंसित तमिल गीतकार और लेखक वैरामुथु को मौत की धमकी भेजी थी। उन्होंने घोषणा की है कि अगर कोई लेखक वैरामुत्तु की हत्या कर दे या उनकी जीभ काट दे तो भाजपा नेता उसे 10 करोड़ रुपये का नकद इनाम देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म के बारे में बुरा बोलने वाले लोगों को मारने में भी कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।