बांकीपुर विधानसभा सीट से जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 30 साल बाद बीजेपी का किला ध्वस्त कर दिया है। 31 राउंड के बाद उन्हें 63203 वोट मिल हैं। 18953 वोटों से वो जीते हैं। जबकि बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 44250 वोट मिले हैं। वहीं आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता को 14085 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रही हैं।
पटना। बांकीपुर विधानसभा सीट से जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 30 साल बाद बीजेपी का किला ध्वस्त कर दिया है। 31 राउंड के बाद उन्हें 63203 वोट मिल हैं। 18953 वोटों से वो जीते हैं। जबकि बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 44250 वोट मिले हैं। वहीं आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता को 14085 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रही हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा का 30 बरस का गढ़ 30 दिनों में ढह गया। यह चुनाव विधायक चुनने के लिए नहीं था। उन्होंने कहा कि यहां भाजपा का 30 बरस का गढ़ 30 दिनों में ढह गया। यह चुनाव विधायक चुनने के लिए नहीं था। सम्राट चौधरी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन इस चुनाव के माध्यम से बिहार की जनता ने भाजपा को यह संदेश दिया है कि किसी अच्छे चरित्रवान और काबिल इंसान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाइए। जितनी चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के लिए करते हैं, तो थोड़ी चिंता बिहार की भी करें ताकि यहां का पलायन रुके और बेरोजगारी कम हो।
मतगणना स्थल से प्रशांत किशोर का बयान… pic.twitter.com/fxanSdJXzd
— Jan Suraaj (@jansuraajonline) August 3, 2026
इस जीत के बाद हमारी पहली प्राथमिकता बांकीपुर के लोगों के आशीर्वाद और भरोसे का सम्मान करना है। हम बांकीपुर को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। आपको अगले दो-तीन महीनों में ये बदलाव दिखने लगेंगे। मैं बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहता हूं। मेरे विधायक बनने से बांकीपुर रातों-रात बंगलूरू नहीं बन जाएगा। लेकिन अगले दो-तीन महीनों में आपको यहां कुछ सुधार ज़रूर दिखेंगे। बांकीपुर के लोगों ने बीजेपी नेतृत्व को एक साफ संदेश दिया है, बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर किसी अच्छे व्यक्ति को चुनें।
अगर भाजपा सम्राट चौधरी की जगह कुशवाहा समुदाय के किसी दूसरे नेता को लाना चाहती है, तो यह पूरी तरह से उनका फैसला है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जिसे भी चुना जाए, वह कुशवाहा समुदाय का एक काबिल और ईमानदार व्यक्ति होना चाहिए। हर हाल में बिहार की तरक्की होनी चाहिए। बिहार का विकास होना चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन जीतता है या कौन सी पार्टी सरकार बनाती है। यही लोकतंत्र है। चुनाव में जीत-हार तो होती रहती है; वे आते-जाते रहते हैं। असल मायने में बिहार का विकास ही सबसे जरूरी है।”