नई दिल्ली। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रहा है, जिससे 2030 तक वैश्विक दूध उत्पादन (Global Milk Production) में भारत की हिस्सेदारी एक तिहाई हो सके। इसकी जानकारी एनडीडीबी (NDDB) के अध्यक्ष मीनेश शाह (President Meenesh Shah) ने दी।
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वर्तमान में भारत की हिस्सेदारी 24 फीसदी
लक्ष्य को हासिल करने के लिए पशुओं के प्रजनन, पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व के कुल दूध उत्पादन (Milk Production) में भारत की हिस्सेदारी 24 फीसदी या एक-चौथाई है। इसका हमारी जीडीपी में 4-5 फीसदी का योगदान है। हमारा मकसद वैश्विक स्तर पर इसे 30 फीसदी तक बढ़ाना है।
मीनेश शाह (Meenesh Shah) ने कहा कि सरकार और एनडीडीबी (NDDB) एक साथ मिलकर काम कर रही है। पशुओं का प्रजनन, स्वास्थ्य और पोषण इस संबंध में महत्वपूर्ण क्षेत्र है। पिछले पांच-छह वर्षों से हमारा दूध उत्पादन (Milk Production) छह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहा है, जबकि वैश्विक विकास दर दो फीसदी है। हमें इसे बरकरार रखना होगा।”
असम में एनडीडीबी (NDDB) राज्य सरकार के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम कंपनी बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि सात वर्षों में दूध की खरीद बढ़ाने और अधिक किसानों को सहकारी आंदोलन के तहत लाने की योजना है।” उन्होंने बताया कि एनडीडीबी (NDDB) अधिक सौर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग पर भी कम कर रही है।