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NEET Exam Cancelled : नीट परीक्षा रद्द होते ही छात्रों का फूटा गुस्सा, बोले- दो साल की मेहनत बर्बाद,अब किस पर करें भरोसा?

By santosh singh 
Updated Date

जयपुर। नीट यूजी परीक्षा 2026 रद्द (NEET UG 2026 Exam Cancelled) होने के बाद छात्रों में निराशा, गुस्सा और भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है। कई छात्रों ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत और भरोसे को तोड़ दिया है। परीक्षा रद्द होने की खबर सुनते ही छात्रों की जुबान पर दर्द आ गया।

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दो साल की मेहनत पर लगा झटका

जयपुर में रहकर नीट की तैयारी करने वाले एसटी कैटेगरी के छात्र अमित मीणा ने बताया कि इस साल उन्होंने नीट की परीक्षा दी थी।  उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनके 500 से ज्यादा नंबर आ सकते थे और उनका चयन हो जाता। अमित ने आगे कहा कि वह पिछले दो साल से तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता किसान हैं और खेती करके ही उन्होंने उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया है। परीक्षा रद्द होने से उन्हें बड़ा झटका लगा है।

हर साल पेपर लीक से भविष्य बर्बाद’

जयपुर की छात्रा ने कहा कि पेपर लीक होने की वजह से मेहनती छात्रों का चयन प्रभावित हो रहा है। उसने बताया कि 2024 में पेपर लीक हुआ, 2025 में पेपर बहुत कठिन था और इस बार फिर से पेपर लीक का मामला सामने आ गया। छात्रा ने कहा कि उसके माता-पिता बहुत मेहनत करके पैसे जुटाते हैं और एक फैसले से पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

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‘सरकार की लापरवाही से टूटा पढ़ाई से मन’

अलवर की छात्रा साक्षी ने बताया कि वह जयपुर में किराए के कमरे में रहकर तैयारी करती है और पिछले एक साल से पढ़ाई कर रही थी। उसने पहली बार नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन सरकार की लापरवाही की वजह से परीक्षा रद्द हो गई। साक्षी ने कहा कि अब पढ़ाई से मन हटने लगा है। बातचीत के दौरान वह सरकार के प्रति काफी नाराज नजर आई।

हर महीने 10 हजार खर्च, फिर भी नहीं मिला परिणाम

सुनैना तोमर ने बताया कि नीट की तैयारी में हर महीने 10 हजार रुपये से ज्यादा खर्च होता है। इस बार उन्होंने परीक्षा दी थी और उम्मीद थी कि उनका चयन हो जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं।

‘अच्छा पेपर गया था, अब उम्मीद टूट रही’

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कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाली छात्रा रिया ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार मेहनत कर रही थी और इस बार उनका पेपर भी काफी अच्छा गया था। उन्हें विश्वास था कि इस बार उनका चयन हो जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने की वजह से उनकी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। उन्होंने इसे अपने लिए बड़ा झटका बताया।

एनटीए की व्यवस्था पर छात्रों ने उठाए सवाल

छात्रा ओजस्वनी विजय ने कहा कि यह बहुत बड़े स्तर की समस्या है, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर एनटीए दोबारा परीक्षा कराता है तो उसे यह गारंटी देनी चाहिए कि इस बार किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी, तभी छात्र भरोसे के साथ परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।

‘दो महीने में फिर तैयारी करना आसान नहीं’

कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाले एक छात्र ने कहा कि दो महीने के भीतर फिर से परीक्षा की तैयारी करना बेहद मुश्किल है। छात्र ने बताया कि वे परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब दोबारा परीक्षा देने का दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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