नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra) ने सोमवार को एक्स पोस्ट पर लखनऊ की आयुषी पटेल (Aayushi Patel) का वीडियो शेयर लिखा कि NEET जैसी परीक्षाओं में लाखों बच्चे मेहनत से तैयारी करते हैं और अपनी जिंदगी के सबसे कीमती पल इस तैयारी में लगाते हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस प्रयास में अपनी श्रद्धा और शक्ति डालता है। लेकिन साल दर साल इन परीक्षाओं में पेपर लीक, रिजल्ट से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं।
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NEET जैसी परीक्षाओं में लाखों बच्चे मेहनत से तैयारी करते हैं और अपनी जिंदगी के सबसे कीमती पल इस तैयारी में लगाते हैं। पूरा परिवार इस प्रयास में अपनी श्रद्धा और शक्ति डालता है। लेकिन साल दर साल इन परीक्षाओं में पेपर लीक, रिजल्ट से जुड़ी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।
क्या परीक्षा कराने… pic.twitter.com/mcHwsVb4IH
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) June 10, 2024
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उन्होंने कहा कि क्या परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए? क्या सरकार को लापरवाही वाला रवैया छोड़ परीक्षा प्रणाली पर गंभीरता से विचार नहीं करना चाहिए? प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra)ने कहा कि हम अपने युवा साथियों के सपनों को यूं बिखरते हुए नहीं देख सकते। उनकी मेहनत के साथ सिस्टम द्वारा किया जा रहा ये अन्याय रुकना चाहिए। सरकार को गंभीरता से इन गड़बड़ियों को सुधारने के लिए कदम उठाने होंगे।
NEET मामले में आयुषी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका,NTA को दी चुनौती
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस बार नीट राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (NEET) का जो परिणाम घोषित किया है, उस पर लगातार आरोप लग रहे हैं। मेडिकल की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा उठने लगा है। रविवार को लखनऊ की आयुषी पटेल ने एक्स पर अपनी ओएमआर शीट दिखाते हुए आरोप लगाया है कि उनके साथ स्कैम हुआ है। दोबारा से अपनी ओएमआर का मूल्यांकन कराने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में रिट भी दाखिल कर दी है। इसकी मंगलवार (11 जून) को सुनवाई है।
मोहान रोड बुद्धेश्वर पिंक सिटी की रहने वाली आयुषी पटेल नीट के एडमिट कार्ड को दिखाते हुए बताया कि चार जून को जब रिजल्ट आया, मेरा रिजल्ट नहीं खुल रहा था। स्क्रीन पर दिखा रहा था कि योर रिजल्ट इज नाट जेनरेटेड। मुझे लगा कि 23 लाख बच्चे हैं, साइट पर ट्रैफिक बढ़ने से रिजल्ट जनरेट नहीं हो रहा है। एक घंटे बाद मेरे पास एनटीए से ईमेल आया। इसमें लिखा गया है कि रिजल्ट जनरेट नहीं हो सकता, क्योंकि उन्हें मेरी ओएमआर शीट डैमेज मिली है।
आयुषी ने बताया कि इतना सुनने के बाद पूरा परिवार और मैं अवाक रह गई। बहुत झटका लगा। मेरे परिवार के लोगों ने मुझे अवसाद में जाने से संभाला। मेरे मामा हाई कोर्ट में एडवोकेट हैं। उनके माध्यम से एनटीए को मेल पर दोबारा रिप्लाई भेजा। ओएमआर शीट अगर फटा है तो उसे दिखाया जाए। 24 घंटे के भीतर ओएमआर मिला। ओएमआर देखने से लग रहा है कि उसे जान-बूझकर फाड़ा गया है। ओएमआर शीट में जो भी सवाल हल करने के बाद गोला बनाया गया था, वह सभी स्पष्ट दिख रहे थे। इसे चेक किया तो नीट में 715 अंक आ रहे थे। इससे पहले जब मैंने एनटीए के जारी आंसर सीट से चेक किया था, उसमें भी इतने अंक थे। अब हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। मंगलवार को सुनवाई है।आयुषी के पोस्ट पर बहुत से लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए सिस्टम पर रोष जताया है।
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मेरा पढ़ाई और परीक्षा से उठ गया है भरोसा : आयुषी पटेल
आयुषी ने बताया कि उसका यह तीसरा प्रयास था। पहले प्रयास में 535 अंक आए थे। दूसरी बार 517 अंक आए थे। तीसरी बार 715 अंक आ रहे थे। तीन साल पूरी मेहनत की है। न्याय दिलाएं। मेरा पढ़ाई और नीट से पूरी तरह से भरोसा उठ चुका है। मैंने पूरी पढ़ाई की। सही से खाना-पीना और सोना भी नहीं किया। केवल पढ़ी हूं। सभी साक्ष्य हैं। मेरा दोबारा से पेपर चेक हो। मेरा भी रैंक में नाम आता, लेकिन मेरा रिजल्ट भी नहीं दिया गया।