अयोध्या। उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा भगवान भरोसे ही चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही मरीजों को भारी पड़ रही है। अब ताजा मामला अयोध्या का है, जहां अस्पताल में बेड और ऑक्सीजन की कमी का हवाला देकर बच्चे को भर्ती करने से मना कर दिया गया। प्राइवेट अस्पताल ले जाते समय बच्चे की जान भी चली गयी। इस दर्दनाक घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाया है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि, इस दुखद घटना के लिए बस इतना ही कहना है कि बदइंतज़ामी और भ्रष्टाचार में लिप्तता इतनी भी न हो कि किसी की जान चली जाए। स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में ये बात अगर आए तो पीड़ित परिवार को उनका बेटा तो वापस नहीं करवा सकते लेकिन मुआवज़ा देकर कुछ तो पश्चाताप कर सकते हैं। और कुछ नहीं कहना है।
इस दुखद घटना के लिए बस इतना ही कहना है कि बदइंतज़ामी और भ्रष्टाचार में लिप्तता इतनी भी न हो कि किसी की जान चली जाए।
स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में ये बात अगर आए तो पीड़ित परिवार को उनका बेटा तो वापस नहीं करवा सकते लेकिन मुआवज़ा देकर कुछ तो पश्चाताप कर सकते हैं।
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 21, 2025
बता दें कि, अयोध्या के हैरिंग्टनगंज गांव के रहने वाले मोहम्मद मुनीर के 12 साल के बेटे मोहम्मद आरिफ को तेज बुखार था। परिजनों ने पहले आसापास उसका उपचार कराया लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वो उसे लेकर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। सीएचसी के डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे तुरंत राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
आरोप है कि, बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब थी लेकिन उसे मेडिकल कॉलेज में उपचार नहीं दिया गया। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों ने बेड और ऑक्सीजन न होने की बात कहकर उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। परिजनों उसे लेकर निजी अस्पताल जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी सांसे थम गईं।