Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. किसी भी साधु संत की संलिप्तता नहीं पाई गई, सपा-कांग्रेस ने सदैव किया प्रभु श्री राम का अपमान: सीएम योगी

किसी भी साधु संत की संलिप्तता नहीं पाई गई, सपा-कांग्रेस ने सदैव किया प्रभु श्री राम का अपमान: सीएम योगी

By शिव मौर्या 
Updated Date

UP Monsoon Session: यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन में अनुपूरक बजट पेश किया गया। विपक्ष लगातार ​राम मंदिर में चढ़ावा चोरी समेत अन्य मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करता रहा। वहीं, सदन से निकलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

पढ़ें :- हनुमानगढ़ी में दर्शन करने जाते हैं और बाहर आकर मछली की दावत उड़ाते हैं...UP कांग्रेस अध्यक्ष पर CM योगी ने साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा, सपा और विपक्ष का आचरण आज पूरे प्रदेश ने विधानसभा में देखा है। ये आचरण ना केवल सदन की अवमानना है बल्कि अलोकतांत्रिक और शर्मनाक भी है। सदन नियमों और परंपराओं से चलता है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया और संचालन के नियम 59 के तहत ये पहले से ही तय है कि जो मुद्दा किसी न्यायाधिकरण या आयोग के पास लंबित हो, उस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। विशेष परिस्थितियों में अगर अध्यक्ष ये समझते हैं कि चर्चा के कारण जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आता है तो वे अनुमति दे सकते है।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि, ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया गया है। 23 जून को SIT ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। ट्रस्ट ने 25 जून को एफआईआर कराया। एफआईआर के बाद साक्ष्यों के आधार पर 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में किसी भी साधु संत की संलिप्तता नहीं पाई गई। 1100 से अधिक लोग उस प्रांगण में काम करते हैं जिनमें से 8 लोगों की भूमिका पाई गई। इसके लिए साधु-संतो, अयोध्या भूमि, मंदिर, कर्मचारियों को बदनाम करना, ये आश्चर्यजनक स्थिति है। ये आरोप वे सपा और कांग्रेस लगा रही है जिन्होंने सदैव रामजन्मभूमि और श्री राम का अपमान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, सपा ने पवित्र सरयू नदी को रक्तरंजित किया था। संसद के अंदर सपा और कांग्रेस के सांसदों द्वारा जो आक्षेप किए गए, वो सीधे सीधे सनातन का अपमान था। इनका आचरण सनातन विरोधी है। इस प्रकरण में जो लोग भी पकड़े गए हैं, उनका भाजपा और साधु संतों से कोई लेना देना नहीं है। इन लोगों ने सदैव राम मंदिर का विरोध किया। ये वही लोग हैं जो 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बाद भी नहीं गए। आस्था की चर्चा वो लोग कर रहे हैं, जो लोग हिंदुओं और सनातन परंपरा को हमेशा कटघरे में खड़ा करते रहे हैं। ये लोग चर्चा से भागना चाह रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, सपा और कांग्रेस का ऐसा आचरण सनातन का अपमान और 25 करोड़ जनता पर कुठाराघात है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, किसान अब सुसाइड नहीं कर रहा है। आज यूपी ने खुद को देश में टॉप थ्री इकोनॉमी में खड़ा किया है। जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली थी। आज वही सपा फिर देश के अंदर यूपी की छवि धमिल करने की कोशिश कर रही है।

पढ़ें :- जो समाज अपने पूर्वजों को विस्मृत कर देता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता: सीएम योगी
Advertisement