नई दिल्ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) ने सड़क पर नमाज (Namaz) को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP Chief Minister Yogi Adityanath) के बयान का समर्थन किया है। रशीदी ने शिफ्ट में नमाज (Namaz) को जायज बताया है। कहा कि सड़क नापाक होती है। इसलिए वहां मुसलमानों के इबादत नहीं करनी चाहिए। रशीदी ने कहा कि सड़क पर जानवर भी चलते हैं और लोग थूकते, पेशाब भी करते हैं। उन्होंने मुसलमानों को उकसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ पार्टियां उन्हें पिटवाना चाहती हैं।
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एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) ने सड़क पर नमाज ना पढ़ने की सीएम योगी की हिदायत का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि योगी का बयान बिलकुल सही है। हमने कोरोना काल में भी नमाजे शिफ्ट में पढ़ी है। उन्हें पता है कि शिफ्ट में नमाज हो सकती है। इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया है। पूरे देश और प्रदेश में किसी मौलवी ने उनका खंडन नहीं किया। कोई खंडन कर रहा है तो वह कांग्रेस-सपा के लोग या उनसे जुड़े नेता। उनको पता नहीं दीन के बारे में कि नमाज शिफ्ट में भी पढ़ने का प्रावधान है।’
मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) ने इस्लाम के दो सिद्धांतों का जिक्र करते हुए बताया कि क्यों सड़क पर नमाज पढ़ना जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लाम का बुनियादी सिद्धांत है कि नमाज नापाक जगह पर नहीं पढ़ी जा सकती है। सड़क पाक नहीं हो सकती है, कैसे पाक होगी जब उस पर लोग, जानवर चलते हैं, थूकते हैं और पेशाब भी करते हैं। सबकुछ होता है तो कैसे नमाज होगी। दूसरा सिद्धांत यह है कि वह मुसलमान नहीं हो सकता है जिससे किसी दूसरे को तकलीफ पहुंचे। अगर आप सगर जाम कर रहे हैं तो तकलीफ होती है लोगों को। एंबुलेंस फंस रही है, किसी को कहीं जाना है।’
अपराध में शामिल थे मुसलमानः रशीदी
मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) ने कहा कि कुछ समय पहले तक अधिकतर मुसलमान अपराधों में लिप्त थे, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद अब वे शिक्षा की राह पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक तो मुसलमान गोली भी चलाता था, डकैत भी था। कैराना का तो पूरा क्षेत्र इसी में लगा था। 60-70 फीसदी यही करते थे। आज है कोई? अब मुसलमान ने सोच लिया है कि सही जिंदगी जीने का तरीका शिक्षा है।’ रशीदी ने कहा कि पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जो फ्री हैंड दिया था मुसलमानों को उससे कई कमियां आ गईं। उससे मुसलमानों का भला नहीं हुआ, शिक्षा से दूर हो गए। रोजगार छोड़ दिया, लूट-पाट वाली बुराइयां आ गईं। आज मुसलमान 15-20 साल से और जब से भाजपा सरकार आई है मुसलमानों ने बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है। चाहे गरीब मजदूर है वह भी पढ़ा रहा है।
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बुलडोजर ऐक्शन पर क्या कहा
रशीदी ने कहा कि बुलडोजर ऐक्शन उन लोगों के खिलाफ ही हो रहा है जो गलत काम में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘जब मैं रेप, चोरी, डकैती, बदमाशी में नहीं पकड़ा जाऊंगा तो क्यों बुलडोजर चलेगा? बुलडोजर तो उस पर चलता है ना जो गलती करता है। मुसलमानों की खैर इसी में है कि सही रास्ते पर चलें। पहले कोई मुसलमान लड़का थाने में आ गया तो नेता का फोन आता था कि इसे छोड़ दो हमारा आदमी है। वह बाहर निकल कर एक और मर्डर करता था, एक और करता था, कातिल बन जाता था। बदमाश बन जाता था, उसे पीछे से समर्थन था। आज तो सीधा एनकाउंटर है। कौन बदमाशी करेगा? अक्लमंदी इसी में है कि हवा के खिलाफ मत चलो।’ सपा से जुड़े एक सवाल पर रशीदी ने कहा कि, हमें नहीं चाहिए ऐसी पार्टी जिसका मकसद यह हो कि मुसलमान नमाज के लिए सड़क पर उतरे, उनकी पिटाई हो, मुकदमे लगे, जेल जाएं और उनके घर टूटे। अखिलेश यादव बनवा देंगे घर किसी का। जब आजम खान को बचा नहीं पाए।