लखनऊ। अगर जवाहरलाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के चीफ मिनिस्टर होते…राहुल गांधी के इस बयान के बाद सियासी बवाल शुरू हो गया है। राहुल गांधी के इस बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस पार्टी ने केन्द्र में अपनी सत्ता के रहते हुये कांशीराम जी के देहान्त होने पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था। आज वोट के लिए कांग्रेस के द्वारा ये सब किया जा रहा है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, जैसा कि सर्वविदित है कि कांग्रेस पार्टी ने काफी वर्षो तक केन्द्र की सत्ता में रहकर दलितों के मसीहा व भारतीय संविधान के मूल निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कभी भी आदर-सम्मान नहीं किया और ना ही उनको ’भारतरत्न’ की उपाधि से भी सम्मानित किया। भला फिर यह पार्टी अब कांशीराम जी को कैसे इस उपाधि से सम्मानित कर सकती है?
इसी कांग्रेस पार्टी ने केन्द्र में अपनी सत्ता के रहते हुये इनके (कांशीराम जी के) देहान्त होने पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया तथा ना ही उस समय यू.पी. की सपा सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित किया। इसी प्रकार दूसरी पार्टियों के हाथों में खेल कर दलित समाज के बने अनेकों संगठन व पार्टियां आदि भी इनके नाम को भुनाने की कोशिश में हमेशा लगी रहती हैं।
बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा, अब ये सभी पार्टियां आएदिन क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करके कांशीराम जी द्वारा बनाई गई पार्टी बी.एस.पी. को कमजोर करने में लगी हैं। इनके अनुयायी व समर्थक हमेशा इनसे सचेत रहें। ख़ासकर कांग्रेस पार्टी से ज़रूर सजग रहें, जिसकी दलित-विरोधी सोच व मानसिकता होने की वजह से ही बी.एस.पी. बनानी पड़ी है। साथ ही, कल दिनांक 15 मार्च 2026 को कांशीराम जी की जयन्ती पर, इनकी द्वारा निर्मित पार्टी बी.एस.पी. के सभी कार्यक्रर्मों को उ.प्र. सहित पूरे देश में पार्टी के लोग ज़रूर कामयाब बनायें।
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