लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। 50 से कम छात्र वाले विद्यालयों को मर्ज किया जा रहा है। हालांकि, संभल के बेसिक शिक्षा अधिकारी का एक आदेश सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें 70 से कम बच्चों वाले स्कूल को मर्ज करने की बात कही गई है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें कहा कि, आपको निर्देशित किया जाता है कि आप द्वारा तृतीय चरण में प्रस्तावित 70 अपर्याप्त छात्र नामांकन वाले विद्यालयों का स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए निकट विद्यालयों के साथ तीन दिवस के अन्दर युग्मन कराते हुए सूचना अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
BSA के फैसले पर उठ रहा सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे BSA के इस आदेश को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, अभी तक 50 से कम छात्र वाले विद्यालयों को मर्ज करने का आदेश दिया गया था। लेकिन अब संभल के BSA ने 70 से कम वाले छात्र के विद्यालयों को मर्ज करने का आदेश दिया, जिसको लेकर सवाल उठ रहा है।
गरीब बच्चों पर पड़ेगा असर
BSA के फैसले का सबसे ज्यादा असर गरीब बच्चों पर होगा। दरअसल, विद्यालय के मर्ज होने का सबसे ज्यादा असर गरीब बच्चों पर पड़ेगा क्योंकि स्कूल दूर होने के कारण गरीब बच्चे वहां तक पहुंच नहीं पाएंगे और उनकी पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
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विपक्षी दल साध रहे निशाना
सरकार के इस फैसले पर विपक्षी दल के नेता जमकर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि, सरकार गरी बच्चों से पढ़ाई का हक छीनना चाहती है, जिसके कारण इस तरह के फैसले ले रही है।