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चंपत राय की चिट्ठी पर बोले नृपेंद्र मिश्रा, मीडिया खड़ा कर रहा है विवाद , ‘जब तक मैं पत्र नहीं देख लेता…’

By santosh singh 
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नई दिल्ली। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने हाल ही में राम मंदिर के संघर्ष से लेकर इसके निर्माण और व्यवस्था के विभिन्न आयामों को दर्शाते हुए कई पन्नों का एक पत्र जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि मंदिर निर्माण के सारे कार्य मंदिर निर्माण समिति के निर्णय पर होते थे। कोई भी कार्य चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा (Chairman Of Ram Mandir Construction Committee Nripendra Mishra) के निर्णय के बिना नहीं हुआ। अब नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra) ने इस पर जवाब दिया है।

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चंपत राय (Champat Rai) के तरफ से मनमाने फैसले लेने का आरोप लगाने वाले 9 पन्नों के पत्र की मीडिया रिपोर्टों पर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा (Chairman Of Ram Mandir Construction Committee Nripendra Mishra) ने कहा,कि मैंने ऐसा कोई पत्र नहीं देखा है। जब तक मैं पत्र नहीं देख लेता, तब तक मैं यही कहूंगा कि यह सब आप मीडिया की मनगढ़ंत कहानी है। अगर ऐसा कोई पत्र है भी तो उसमें चंपत राय ने ऐसी कोई आलोचना नहीं की होगी। मीडिया इसे मेरे सामने सिर्फ विवाद खड़ा करने के लिए पेश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफे के बाद गुरुवार को चंपत राय (Champat Rai) का 9 पन्नों का दूसरा लेटर सामने आया था। इसमें उन्होंने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व IAS अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra)  की भूमिका को लेकर कई दावे किए।

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नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर चंपत राय के दावे

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चंपत राय (Champat Rai) ने अपने लेटर में आगे लिखा था कि कोई भी काम नहीं जो समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra)  के निर्णय के बिना हुआ हो। अगर कोई अलग निर्णय हुआ तो वह मान्य नहीं हुआ और उसे हटा दिया गया। चंपत राय ने पत्र में आगे कहा कि मंदिर निर्माण के सभी निर्णयों में नृपेंद्र ने सदैव अपने को प्रमुख रखा। उन्होंने विस्तार से मंदिर निर्माण में नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra)  की भूमिका का जिक्र करते हुए उनके एकतरफा फैसलों का भी जिक्र किया।

चंपत राय (Champat Rai) ने पत्र में कहा, कि राम मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी थे और नृपेंद्र को निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। उनके सुझाव पर लार्सन एंड टूब्रो (L&T) को मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी दी गई।’ चंपत राय (Champat Rai) ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra)  ने निर्माण समिति में अपनी पसंद के लोगों को शामिल किया। इनमें से कुछ लोग 6 साल के दौरान केवल एक-दो बार ही अयोध्या आए।

चंपत राय (Champat Rai) ने चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफा मंजूर किया गया था। उसी दिन चंपत राय (Champat Rai) ने एक लेटर जारी कर ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे।

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