नींद से अचानक जागने के बाद शरीर का ‘लॉक’ हो जाना और आवाज न निकलना डरावना अनुभव हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्लीप पैरालिसिस हो सकता है, जो आमतौर पर कुछ सेकंड से कुछ मिनट तक रहता है और स्थायी लकवे का कारण नहीं बनता।
Sleep Paralysis: रात में अचानक नींद खुली और आपको लगा कि आप पूरी तरह जाग चुके हैं, लेकिन हाथ-पैर हिल नहीं रहे, आवाज निकालने में भी परेशानी हो रही है? यह अनुभव बेहद डरावना हो सकता है। कई बार लोग इसे भूत-प्रेत या किसी अनहोनी से जोड़ देते हैं, जबकि इसके पीछे एक चिकित्सकीय कारण हो सकता है, जिसे स्लीप पैरालिसिस कहा जाता है।
स्लीप पैरालिसिस ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति सोते समय या नींद से जागने के दौरान कुछ समय के लिए अपने शरीर को हिलाने या बोलने में असमर्थ महसूस करता है। खास बात यह है कि इस दौरान व्यक्ति को आसपास की चीजों का एहसास हो सकता है और उसकी आंखें भी खुली रह सकती हैं।
यह स्थिति नींद के REM (Rapid Eye Movement) चरण से जुड़ी होती है। REM नींद के दौरान सपने अधिक स्पष्ट होते हैं और शरीर की कई मांसपेशियां अस्थायी रूप से शिथिल रहती हैं। आमतौर पर जागने पर यह प्रक्रिया खत्म हो जाती है, लेकिन स्लीप पैरालिसिस में कुछ समय के लिए यह मांसपेशीय शिथिलता बनी रह सकती है।
इस दौरान दिमाग जागने की स्थिति में पहुंच जाता है, जबकि शरीर अभी भी REM नींद से बाहर निकल रहा होता है। यही वजह है कि व्यक्ति को लगता है कि वह जाग गया है, लेकिन शरीर उसका साथ नहीं दे रहा।
कुछ लोगों को इस दौरान कमरे में किसी की मौजूदगी महसूस होने, आवाजें सुनाई देने या आकृतियां दिखाई देने जैसे अनुभव भी हो सकते हैं। ये अनुभव डरावने लग सकते हैं, लेकिन स्लीप पैरालिसिस में ऐसे अनुभव हो सकते हैं।
स्लीप पैरालिसिस के एपिसोड को कई कारक प्रभावित कर सकते हैं, जैसे:
ज्यादातर मामलों में स्लीप पैरालिसिस कुछ सेकंड से कुछ मिनट में अपने आप खत्म हो जाता है और इससे स्थायी लकवा नहीं होता। हालांकि, अगर यह बार-बार हो रहा है, नींद बुरी तरह प्रभावित हो रही है या दिन में अत्यधिक नींद आती है, तो डॉक्टर या स्लीप स्पेशलिस्ट से सलाह लेना उचित है।
ध्यान रखें, स्लीप पैरालिसिस डरावना अनुभव जरूर हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि शरीर में किसी स्थायी समस्या का संकेत हो। अच्छी नींद, नियमित स्लीप शेड्यूल और तनाव को कम करना मददगार हो सकता है