अगर आपको कभी-कभार देर रात भूख लग जाती है, तो यह सामान्य बात हो सकती है। लेकिन अगर लगभग हर रात नींद खुलने के बाद कुछ न कुछ खाने की आदत बन गई है और दिन की तुलना में रात में ज्यादा खाना खाते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह नाइट ईटिंग सिंड्रोम...
health updates: अगर आपको कभी-कभार देर रात भूख लग जाती है, तो यह सामान्य बात हो सकती है। लेकिन अगर लगभग हर रात नींद खुलने के बाद कुछ न कुछ खाने की आदत बन गई है और दिन की तुलना में रात में ज्यादा खाना खाते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह नाइट ईटिंग सिंड्रोम (Night Eating Syndrome) नाम की बीमारी का संकेत हो सकता है।
यह एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति रात के समय बार-बार जागकर खाना खाता है। कई लोगों को इस दौरान मीठी या कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजें जैसे चॉकलेट, बिस्किट, चिप्स या सैंडविच खाने की तीव्र इच्छा होती है। कुछ लोग तो रात में ही ऑनलाइन खाना भी ऑर्डर कर लेते हैं। इस समस्या का असर अगले दिन भी दिखाई देता है। सुबह उठने पर शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता, नाश्ता करने की इच्छा कम हो जाती है और पूरे दिन थकान व सुस्ती बनी रहती है। इससे काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नाइट ईटिंग सिंड्रोम के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह आनुवंशिक कारणों से होता है, जबकि मानसिक तनाव भी इसका बड़ा कारण माना जाता है। इसके अलावा दिनभर पर्याप्त भोजन न करना या लंबे समय तक भूखे रहना भी रात में ज्यादा भूख लगने की वजह बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रोजाना रात में नींद खुलने के बाद खाने की जरूरत महसूस होती है, तो इसे सामान्य आदत समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि सही जांच के बाद इलाज शुरू किया जा सके।
इलाज के लिए डॉक्टर सबसे पहले यह तय करते हैं कि मरीज वास्तव में नाइट ईटिंग सिंड्रोम से पीड़ित है या नहीं। इसके बाद जरूरत के अनुसार कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) की मदद ली जाती है, जिससे मरीज अपनी खान-पान और सोने की आदतों में सुधार कर सके। कुछ मरीजों को एंटीडिप्रेसेंट दवाएं भी दी जाती हैं। वहीं, तनाव कम करने और अच्छी नींद लाने के लिए प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन जैसी तकनीकों की भी सलाह दी जाती है।
अगर रात में भूख लगने की समस्या लगातार बनी हुई है और आपकी नींद व दिनचर्या प्रभावित हो रही है, तो समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर रहेगा।