UGC Controversy : नए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) नियमों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सामान्य वर्ग में इसको लेकर काफी आक्रोश है और लोग इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, प्रयागराज में प्रशासन से झड़प के बाद अनशन पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूजीसी पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंनी आरोप लगाते हुए कहा है कि यूजीसी एक जाति को दूसरी जाति से लड़वाकर हिंदू समाज को खत्म करने की योजना है।
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में यूजीसी विवाद को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “आप सभी UGC के बारे में जानते हैं। यह एक जाति को दूसरी जाति से लड़वाकर हिंदू समाज को खत्म करने की योजना है। यह सरकार चाहती है कि हिंदू आपस में लड़ें और खत्म हो जाएं। यह कैसा शासन है? ऐसा कानून क्यों लाया गया? एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ क्यों भड़काया जा रहा है? इसके पीछे क्या तर्क है?”
Prayagraj, Uttar Pradesh: Swami Avimukteshwaranand Shankaracharya says, "You all know about the UGC. This is a plan to destroy Hindu society by pitting one caste against another. This government wants Hindus to fight among themselves and perish. What kind of rule is this? Why was… pic.twitter.com/E1vPvBnlHe
— IANS (@ians_india) January 27, 2026
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शंकराचार्य ने आगे कहा, “कोई भी जाति जन्म से अन्यायपूर्ण नहीं होती; कोई भी व्यक्ति जन्म से न्यायप्रिय नहीं होता। हर जाति में अच्छे लोग और बुरे लोग होते हैं। कोई व्यक्ति अन्याय कर सकता है, लेकिन कोई भी जाति पूरी तरह से न्यायप्रिय या अन्यायपूर्ण नहीं होती। आप एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। आपका यह कदम कितना गलत है! इससे हिंदू धर्म को बहुत नुकसान हो सकता है। इसलिए, इस कानून को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।”
Prayagraj, Uttar Pradesh: On the UGC Higher Education Regulations row, Swami Avimukteshwaranand Shankaracharya says, "No caste is inherently unjust; no individual is inherently just. Every caste has good people and bad people. An individual may act unjustly, but no caste as a… pic.twitter.com/YOfnjtPvMT
— IANS (@ians_india) January 27, 2026
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इससे पहले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री से बात की, जिन्होंने नए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) नियमों और माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में अविमुक्तेश्वरानंद को कथित तौर पर पवित्र स्नान करने से रोके जाने सहित कई मुद्दों पर नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। शंकराचार्य बातचीत के दौरान पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री से कहा कि जो पद सरकार ने दिया था, उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में हम आपको देने का प्रस्ताव रखते हैं।
शंकराचार्य ने सस्पेंड पीसीएस अधिकारी से कहा, “हम लोगों के मन में दो तरह की प्रतिक्रिया हो रही है। एक तो दुख हो रहा है कि कितने लगन और मेहनत के बाद आपने ये पद पाया होगा। आज एक झटके में आपका पद चला गया। दूसरी तरफ, सनातन धर्म के प्रति आपने जिस निष्ठा का परिचय दिया है, उससे पूरा सनातनी समाज आह्लादित है और आपका भूरि भूरि अभिनंदन करता है।”