लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को त्रिपुरा पहुंचे, जहां वो मां त्रिपुर सुंदरी की कृपा भूमि त्रिपुरा राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में सिद्धेश्वरी मंदिर के उद्घाटन एवं प्राण-प्रतिष्ठा हेतु आयोजित कार्यक्रम में पूज्य संत गण व त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा जी के साथ सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि, डबल इंजन की भाजपा सरकार ने ‘विकास और विरासत’ के अभियान को सतत आगे बढ़ाया है। श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम का मंदिर निर्माण हो या त्रिपुरा में मां त्रिपुर सुंदरी के मंदिर के सुंदरीकरण एवं पुनरुद्धार का कार्य, सभी उसके साक्षात उदाहरण हैं। वहीं, इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान दिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारी सनातन मान्यता रही है- ‘यतो धर्मस्ततो जय:’, यही हम सबकी शिक्षा है। हम सब ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के रूप में देश को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प और सामर्थ्य हम सबको एक नई यात्रा पर आगे बढ़ा रहा है।
हम यह भी जानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की स्मृति जब हम सबके सामने आती है, तो उनके एक हाथ में मुरली है, तो दूसरे हाथ में सुदर्शन है। केवल मुरली से काम नहीं चलेगा, बल्कि रक्षा के लिए सुदर्शन भी आवश्यक है। सुदर्शन जब आपके पास होगा तो फिर किसी को बलिदान नहीं देना पड़ेगा।
केवल 'मुरली' से काम नहीं चलेगा, बल्कि सुरक्षा के लिए 'सुदर्शन' भी आवश्यक है… pic.twitter.com/GQ4UwfeXP0
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 16, 2024
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इसके साथ ही कहा, जो भी सामर्थ्यवान होगा, अपनी ताकत का अहसास अपने दुश्मनों को कराएगा, वह हमेशा सुरक्षित रहेगा। यूपी में डबल इंजन की सरकार आई, सुरक्षा का माहौल मिला। दंगाइयों के लिए बुलडोजर भी दिया गया और साथ ही साथ भक्तों के लिए श्री राम मंदिर का निर्माण भी कराया गया।
पाकिस्तान 'नासूर' है, ये मानवता का 'कैंसर' है…
इसका उपचार समय रहते दुनिया की ताकतों को मिलकर करना होगा… pic.twitter.com/SvJnE3VrcI
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 16, 2024
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पाकिस्तान ‘नासूर’ है, ये मानवता का ‘कैंसर’
उन्होंने कहा, 1947 के पहले कौन लोग थे, जो लोग भारत के दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन के लिए जिम्मेदार थे। उन लोगों के बारे में सही जानकारी देने की आवश्यकता है। याद रखना,1905 में अंग्रेजों की जो बंग-भंग की साजिश थी, उस समय के समाज ने उसे विफल किया था, ऐसे ही मुस्लिम लीग की साजिशों को विफल करने के लिए उस समय का कांग्रेस नेतृत्व और जोगेंद्र नाथ मंडल ने मिलकर पानी फेरने का काम करते तो कभी भी पाकिस्तान जैसा नासूर नहीं बनता है। पाकिस्तान एक नासूर है। जब तक इसका ऑपरेशन नहीं होगा। तब तक इस कैंसर की समस्या का समाधान नहीं होने वाला है।