नई दिल्ली। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि देश में जो हो रहा है, वह सरकार के लिए कॉमेडी हो सकती है, लेकिन बच्चों के लिए उनके जीवन-मरण का सवाल है। मीडिया से जुड़े कुछ लोगों ने बीते हफ़्तों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई घटनाओं को कवर किया है। मीडिया का एक बड़ा हिस्सा झालमुड़ी और मेलोडी पर घंटों चर्चा तो करता है, मगर छात्रों की आत्महत्या पर बात नहीं करता। आज देश में हर घंटे 2 छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। इन आत्महत्याओं का सीधा संबंध चौपट शिक्षा व्यवस्था से है। हर साल NEET परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आती हैं, लेकिन न शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होता है और न दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होती है।
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— Congress (@INCIndia) May 27, 2026
आखिर नरेंद्र मोदी की क्या मजबूरी है कि उन्होंने एक अयोग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बना दिया
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कन्हैया कुमार ने कहा कि कल SSC GD की परीक्षा के लिए एक केंद्र पर 800 लोगों को बुला लिया गया, लेकिन बैठने की व्यवस्था सिर्फ 250 लोगों के लिए ही थी। कितना दुखद है कि मोदी सरकार ठीक से एक परीक्षा भी नहीं करवा पा रही है। हालात ये हैं कि जब एक 17 साल का छात्र CBSE से जुड़ी समस्याओं पर गुहार लगाता है, तो अपनी रीढ़ की हड्डी खो चुके कुछ पत्रकार उसे देशद्रोही बताने लगते हैं। जो प्रधानमंत्री परीक्षा से पहले ‘परीक्षा पे चर्चा’ करते हैं, वही प्रधानमंत्री पेपर लीक होने पर एक शब्द नहीं बोलते। पहले NEET के पेपर लीक की खबरें आने लगी, उसके बाद CBSE का मामला सामने आ गया। आखिर नरेंद्र मोदी की क्या मजबूरी है कि उन्होंने एक अयोग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बना दिया है।
अगर NTA के डायरेक्टर का बैकग्राउंड चेक किया जाएगा तो पता चलेगा कि वे सत्ता से कितने करीब हैं
कन्हैया कुमार ने कहा कि देश की हर महत्वपूर्ण परीक्षा करवाने के जिम्मेदारी उस NTA को दे दी गई है, जिस पर बार-बार सवाल खड़े होते हैं। अगर NTA के डायरेक्टर का बैकग्राउंड चेक किया जाएगा तो पता चलेगा कि वे सत्ता से कितने करीब हैं और सरकार में बैठे लोगों से उनके राजनीतिक संबंध हैं। आखिर क्या मजबूरी है कि ऐसे निदेशकों को राजनीतिक लाभ के लिए बड़े पदों पर बैठाया जाता है और नाकामी के बाद उन पर कार्रवाई नहीं की जाती। देश एक गंभीर स्थिति से गुजर रहा है, जहां सिस्टम अपनी गलती छात्रों के मत्थे मढ़ना चाहता है। ऐसी परिस्थिति में हमारी छात्रों से विनती है कि किसी और की गलती के लिए आपको जान गंवाने की जरूरत नहीं है।
प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोड़ें और अयोग्य शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करें
उन्होंने कहा कि NSUI और IYC पेपर लीक के सवालों पर लगातार सड़कों पर है। देश के नेता प्रतिपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। कन्हैया कुमार ने कहा कि हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोड़ें और अयोग्य शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करें। जीरो टॉलरेंस के साथ पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी, देश के युवाओं का सपना तोड़कर, उन्हें विकसित भारत का चश्मा बेच रहे हैं। सही मायनों में भारत विकसित तब होगा जब देश के छात्रों को सही शिक्षा मिलेगी, शिक्षित लोगों को रोजगार मिलेगा और उस रोजगार के आधार पर अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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जब मोदी परीक्षा पर चर्चा करते हैं, तो पेपर लीक पर कब बोलेंगे?
कन्हैया कुमार ने कहा कि हमारी मांग और छात्रों से अपील है कि जब मोदी परीक्षा पर चर्चा करते हैं, तो पेपर लीक पर कब बोलेंगे? नाकाम शिक्षा मंत्री को उनके पद से कब हटाया जाएगा? NTA ढंग से परीक्षा नहीं करा पा रही है, उससे ये काम छीना जाए। छात्रों से कहना है- हम आपके साथ खड़े हैं, आपकी लड़ाई लड़ते रहेंगे। कन्हैया कुमार ने कहा कि हम छात्रों और उनके परिवारों से कहना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी, NSUI, यूथ कांग्रेस आपके न्याय की लड़ाई सड़क से संसद से लड़ेगी। हम NEET के छात्रों की मदद कर रहे हैं, आगे भी बाकी छात्रों की मदद करते रहेंगे। किसी और की नाकामी के लिए छात्रों को अपनी जान गंवाने की जरूरत नहीं है।
वोट चोरी कर के जो लोग कुर्सी पर बैठ जाते हैं, उनके शासन में पेपर लीक होना एक योग्यता है
CBSE के प्रभावित छात्र, जिन्हें आंसर शीट पाने में दिक्कत हो रही है, या फिर उसमें कोई गड़बड़ी है तो हमने उनके लिए नंबर जारी किया है। ये नंबर- 9268030030 है, जिस पर छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और हम उनकी पूरी मदद करेंगे। वोट चोरी कर के जो लोग कुर्सी पर बैठ जाते हैं, उनके शासन में पेपर लीक होना बहुत स्वाभाविक है, उनके लिए यह एक योग्यता है।