PM-Vidyalakshmi Yojana : पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना (PM-Vidyalakshmi Scheme) का पोर्टल और दिशा-निर्देश दो हफ्ते में तैयार हो जाएंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Union Education Ministry) ने कैबिनेट मंजूरी मिलते ही मेधावी छात्रों के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना (PM-Vidyalakshmi Scheme) का मसौदा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले सभी बैंकों के साथ मिलकर दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। सारा काम डिजिटल होगा।
पढ़ें :- Padma Awards 2026: पद्म पुरस्कारों का एलान, अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, शिबू सोरेन को पद्म भूषण, देखिए पूरी लिस्ट
पोर्टल के माध्यम से होगा सारा काम
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना (PM-Vidyalakshmi Scheme) के लिए अलग से पोर्टल बनाया जाएगा। पोर्टल के जरिये ही छात्र को ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेजों की जांच से लेकर ऑनलाइन ही उसके खाते में पैसे हस्तांतरित होंगे। उच्च शिक्षण संस्थान भी ऑनलाइन ही छात्र का सत्यापन करेंगे।
छात्रों को योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ दो ही दस्तावेज भरने होंगे। इससे आवेदन में तेजी और समय की बचत होगी। योजना में सभी आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईआईटी, एम्स समेत सरकार के अधीनस्थ या फंड लेने वाले संस्थान भी शामिल हैं। साथ ही शीर्ष 200 एनआईआरएफ में शामिल राज्यों के उच्च शिक्षण संस्थान भी जुड़ेंगे।
योजना शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम : मोदी
पढ़ें :- केंद्रीय विद्यालय गोमतीनगर में पुरातन छात्र समिति का तृतीय रीयूनियन समारोह सम्पन्न
पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना (PM-Vidyalakshmi Scheme) को शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, कैबिनेट ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर युवाओं का समर्थन करने के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दी है। यह युवा शक्ति को सशक्त बनाने और राष्ट्र के लिए एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गृहमंत्री की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना से युवाओं की सफलता की राह में आने वाली एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। गारंटी मुक्त और जमानत मुक्त शिक्षा ऋण योजना की कल्पना कर पीएम मोदी (PM Modi) ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी छात्र आर्थिक स्थिति के कारण अपनी शिक्षा से वंचित न रहे।