नई दिल्ली। एक तरफ जहां भारत और चीन के बीच लंबे समय से कुछ सही नही चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका लगातार भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है। इसी बीच एक चौका देने वाली खबर सामने आई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को चीन का दौड़ करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री सहयोग संगठन की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इस दौड़े को भारत और चीन के बीच आपसी संबंध सुधारने का मौका देखा जा रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, पीएम मोदी चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जाएंगे। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है।
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इस वक्त एससीओ में 10 सदस्य हैं, जिसमें चीन, भारत, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। एससीओ की हेड्स ऑफ स्टेट काउंसिल की 25वीं बैठक 31 अगस्त से एक सितंबर 2025 तक चीन के तियानजिन शहर में होनी है। पिछले महीने विदेश मंत्री एस जयशंकर भी चीन की यात्रा पर गए थे। यह यात्रा गलवान में हुई झड़प के बाद हुई थी और इसे दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव को कम करने की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। पांच साल में एस जयशंकर की यह पहली चीन यात्रा थी। जयशंकर ने यहां एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था। पीएम मोदी अब तक 5 बार चीन के दौरे पर जा चुके हैं। पहली बार पीएम ने मई 2015 में चीन का दौरा किया था। इस दौरे में शी चिनफिंग पीएम मोदी को लेकर अपने गृह राज्य शियान ले गए थे। इसके बाद सितंबर 2016, सितंबर 2017, अप्रैल 2018 और जून 2018 में चीन गए थे।
चीन के राष्ट्रपति से 2018 में हुई थी आखिरी मुलाकात
पीएम मोदी और शी चिनफिंग के बीच आखिरी बार अक्टूबर 2024 में मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच करीब 50 मिनट तक चली बातचीत में बॉर्डर पर शांति और स्थिरता बनाए रखने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। अमेरिका की तरफ से टैरिफ थोपने और ट्रेड डील को लेकर दबाव बनाए जाने के बीच पीएम मोदी का यह दौरा अहम हो सकता है।