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राजीव कुमार फिर बने पश्चिम बंगाल के DGP, लोकसभा चुनाव के दौरान हटाया था चुनाव आयोग ने

By santosh singh 
Updated Date

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पुलिस महानिदेशक (DGP) पद पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने राजीव कुमार (Rajeev Kumar) को फिर से सोमवार को नियुक्त कर दिया। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के दौरान केंद्रीय निर्वाचन आयोग (Central Election Commission) उन्हें डीजीपी (DGP) के पद से हटा दिया था।

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पुलिस विभाग में कई फेरबदल होने के बावजूद उनकी डीजीपी के पद पर पुनर्नियुक्ति नहीं हुई थी। परंतु, जैसे ही विधानसभा उपचुनाव भी संपन्न हो गया तो उन्हें फिर से डीजीपी का पद मिल गया।

1989 बैच के IPS अधिकारी हैं राजीव कुमार

वहीं आयोग के तरफ से चुनाव के दौरान डीजीपी के पद पर नियुक्त किए किए गए आईपीएस संजय मुखर्जी (IPS Sanjay Mukherjee) का तबादला डीजी फायर सर्विसेज के पद पर कर दिया गया है। राजीव कुमार उस समय डीजी थे जब चुनाव से पहले संदेशखाली मुद्दे पर राज्य में उथल-पुथल मची हुई थी। राजीव कुमार (Rajeev Kumar)  1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट और कोलकाता पुलिस के आयुक्त पद पर भी रह चुके हैं।

राजीव कुमार के लिए धरने पर बैठी थीं ममता

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इसी राजीव कुमार (Rajeev Kumar)  के खिलाफ जब सारधा व रोजवैली चिटफंड घोटाले (Saradha and Rose Valley Chitfund scams) में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में सीबीआई ने कार्रवाई शुरू की थी तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee)  ने 2019 में धरने पर बैठ गई थीं।

इस वर्ष लोकसभा चुनाव के दौरान जब उन्हें डीजीपी के पद से हटाया गया तो उनका तबादला सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Information Technology) के सचिव पद कर दिया गया था। अपने करियर की शुरुआत में ही उन्हें एक कुशल अधिकारी के रूप में सराहा गया था। वह एसटीएफ के शीर्ष पद पर भी रह चुके हैं।

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