शहरी वातावरण की चकल्ल से उब गएं है तो आपको दूर किसी शांत और धार्मिक जगह पर कुछ दिन बिताइये। इस प्रयास के लिए उत्तराखंड का हनोल महासू देवता मंदिर अच्छा विकल्प हो सकता है।
Hanol Mahasu Devta Temple : शहरी वातावरण की चकल्ल से उब गएं है तो आपको दूर किसी शांत और धार्मिक जगह पर कुछ दिन बिताइये। इस प्रयास के लिए उत्तराखंड का हनोल महासू देवता मंदिर अच्छा विकल्प हो सकता है।
कौन है महासू देवता
हनोल का प्राचीन महासू मंदिर उत्तराखंड के देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र में टोंस नदी के पूर्वी तट पर स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले महासू देवता को समर्पित है।इनके नाम बासिक महासू, पबासिक महासू, बौठा (बुठिया) महासू और चालदा महासू हैं।
यह मंदिर पारंपरिक काठ-कुणी (लकड़ी और पत्थर) शैली और हूण स्थापत्य कला का सुंदर नमूना है।
यह जगह दिल्ली से करीब 410 किलोमीटर दूर है।
इसे क्षेत्र की प्राचीन कला और संस्कृति की अहम धरोहर मना जाता है।