Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. राम मंदिर चढ़ावा चोरी: राहुल गांधी और खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र, कहा-इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है, तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: राहुल गांधी और खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र, कहा-इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है, तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री जी, श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की-वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है। ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।

पढ़ें :- डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, पूछा-क्या यही आपका नया भारत है, जहां बेटियों के कपड़े फाड़े जाते हैं?

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा कि,
आप श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हज़ारों करोड़ रुपये की चोरी के बारे में जानते हैं। जिन लाखों भक्तों ने आस्था, भक्ति और भरोसे के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की थी, वे इस चोरी से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

आपने भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्य पूरी तरह से आपकी सरकार द्वारा नियुक्त किए गए हैं। यह बात सभी जानते हैं कि ट्रस्ट के सदस्य RSS, VHP और उनसे जुड़े संगठनों से जुड़े हुए हैं। इसके बदनाम पूर्व महासचिव भी आपके करीबी सहयोगी थे।

पत्र में आगे लिखा, ऐसे अपराध के मामले में आपकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं है। जवाबदेही तय करना और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है। हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप तुरंत ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच का आदेश दें, जिसमें नकद, सोना और चांदी सहित सभी चढ़ावों का प्रबंधन शामिल हो। जांच के नतीजे और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि हर भक्त को पता चल सके कि उनके चढ़ावे का इस्तेमाल कैसे किया गया है। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएं, उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए, चाहे उनका पद या प्रभाव कुछ भी हो। आपकी सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी पारदर्शिता और तेज़ी से कार्रवाई करते हैं। भारत की जनता सब देख रही है।

पढ़ें :- एजुकेशन पॉलिसी पर चर्चा के लिए सरकार तैयार नहीं, उल्टा बच्चों को पीट रहे और छोड़ रहे आंसू गैस के गोले: प्रियंका गांधी
Advertisement