Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. BSP का आगे बढ़ते देख विरोधी पार्टियों में बढ़ी बेचैनी, साम, दाम, दंड, भेद अपनाकर अब बहुजन समाज को कर रहे गुमराह: मायावती

BSP का आगे बढ़ते देख विरोधी पार्टियों में बढ़ी बेचैनी, साम, दाम, दंड, भेद अपनाकर अब बहुजन समाज को कर रहे गुमराह: मायावती

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायातवी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, बहुजन समाज पार्टी दूसरी पार्टियों की तरह अपना राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ साधने के लिये धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, सरकारी व प्राइवेट सम्पत्तियों के तोड़फोड़ व दूसरी हिसंक घटनाओं तथा हवाहवाई वादों-दावों एवं मिथ्या प्रचार-प्रसार आदि के माध्यम से जनता को गुमराह करने आदि में विश्वास नहीं करती है।

पढ़ें :- UP News: यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, सरकार ने जारी किया आदेश

बसपा ऐसी तमाम राजनीतिक व चुनावी चालबाज़ियों से पूरी तरह से पाक-साफ देश की एकमात्र ऐसी अम्बेडकरवादी पार्टी है जो ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त व नीति पर चलकर यहां सर्वसमाज में भी ख़ासकर ग़रीबों, मज़दूरों, शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों के हित व कल्याण हेतु समर्पित है। उन्होंने कहा, जिसका जीता-जागता प्रमाण यहां उत्तर प्रदेश में बीएसपी के नेतृत्व में चार बार रही सरकार में व्यापक जनहित, जनकल्याण व विकास का तथा अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था के मामलों में ‘क़ानून द्वारा क़ानून का बेहतरीन राज’ रहा है।

इससे यहां यूपी जैसे विशाल राज्य में एक आदर्श संवैधानिक सरकार देने के साथ-साथ यह भी सूरज की रौशनी की तरह पूरी तरह से स्पष्ट है कि बीएसपी, विरोधी पार्टियों व उनके इशारे पर चलने वाले दलित संगठनों व पार्टियोें आदि की तरह छल व छलावा की राजनीति तथा उनके लिये मगरमच्छ के आंसू नहीं बहाती और ना ही संकीर्ण स्वार्थ हेतु गिरगिट की ही तरह रंग बदलती है, बल्कि करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अपरकास्ट समाज के ग़रीबों के वास्तविक हित व कल्याण के लिये ‘बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व बहुजन नायक कांशीराम जी के बताये रास्तों पर चलकर मुख्यतः सत्ता की मास्टर चाबी के माध्यम से ‘सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक उत्थान’ का महान लक्ष्य हासिल करना चाहती है।

मायावती ने आगे लिखा, अब यहां ख़ासकर उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी आमचुनाव में बीएसपी के प्रभाव को तेज़ी से आगे बढ़ता हुआ देखकर विरोधी पार्टियां में द्वेष व बेचैनी स्वाभाविक है और इसीलिये वे अपने साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों के तहत् कुछ दलित संगठनों व पार्टियों आदि को आगे करके दलित व बहुजन समाज के अन्य विभिन्न अंगों को तरह-तरह से भटकाने व गुमराह करने में लगे हुये हैं।

जबकि शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों को अच्छी तरह से मालूम है कि हमारी नेतृत्व वाली सरकार ही उनकी सभी राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक समस्याओं का उसी प्रकार से बेहतरीन निदान है जैसाकि उनकी सभी सरकारों में होता रहा है जब सत्ता की शक्ति, संसाधन व ऊर्जा तथा सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल भी हर स्तर पर सबके साथ न्याय एवं सबको न्याय दिलाने के लिये समर्पित व तत्पर रहा।

पढ़ें :- Video-11 हजार वोल्ट की लाइन पर लोहे की रॉड से मासूम पंतग छुड़ा रहा था, पोते को तड़पते देख बचाने दौड़े दादा की जिंदा जलकर मौत
Advertisement