Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. Rupee vs Dollar : डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे गिरकर 87.57 के नए निचले स्तर पर पहुंचा

Rupee vs Dollar : डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे गिरकर 87.57 के नए निचले स्तर पर पहुंचा

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली: भारतीय रुपये (Rupee) में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 14 पैसे कमजोर होकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 87.57 प्रति डॉलर (Dollar) पर पहुंच गया है। बता दें कि आरबीआई की ब्याज दरों में कटौती की आशंका और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से रुपये में गिरावट नजर आ रही है।

पढ़ें :- IND vs NZ Final ODI Live : आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा सीरीज डिसाइडर मैच, जानें- कब, कहां देख पाएंगे तीसरा वनडे

जानें रुपये पर क्यों बना दबाव?

विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) के जानकारों का कहना है कि रुपये में गिरावट की कई वजहें हैं। पहला आरबीआई की संभावित ब्याज दर कटौती। बाजार में उम्मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 7 फरवरी 2025 को ब्याज दरों (Interest Rate) में कटौती कर सकता है। इससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है। दूसरा विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 1,682.83 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे शेयर बाजार (Stock Market) में गिरावट आई और रुपये पर भी दबाव बढ़ा।
तीसरा डॉलर की मजबूती से अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Dollar Index), जो डॉलर को बाकी छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मापता है, 0.11% बढ़कर 107.69 पर पहुंच गया। इससे भी रुपये पर असर पड़ा। चौथा कमजोर आर्थिक आंकड़े की वजह से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन के संकेत मिलने से रुपये की गिरावट और तेज हो गई।

जानें बाजार का हाल

रुपये ने 87.54 पर कारोबार शुरू किया और जल्द ही 87.57 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। बीते बुधवार को भी रुपया 36 पैसे टूटकर 87.43 पर बंद हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 0.13% बढ़कर 74.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे आयातकों की डॉलर खरीद बढ़ी और रुपये पर दबाव बना।

पढ़ें :- बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद शुरू हुआ खेल, नवनिर्वाचित पार्षदों को एकनाथ शिंदे ने होटल में ठहराया

क्या आगे और गिरेगा रुपया?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए रुपया और कमजोर हो सकता है। साथ ही, अगर आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करता है, तो रुपये पर और असर पड़ सकता है।

Advertisement