नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि जिस दिन से संसद सत्र शुरू हुआ है, समाजवादी पार्टी ने संभल की घटना का मुद्दा उठाने की कोशिश की है। सदन नहीं चला, लेकिन हमारी मांग अब भी वही है। हम संभल की घटना पर अपनी बात सदन में रखना चाहते हैं। वहां के अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी मानो भाजपा के कार्यकर्ता हों। संभल की घटना भाजपा की सोची-समझी रणनीति है, ताकि लोगों को दूसरे मुद्दों से भटकाया जा सके। जो लोग हर जगह खुदाई करना चाहते हैं। एक दिन वे देश की सौहार्द्रता और भाईचारे को खो देंगे।
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अगर वे हमारे संतों का सम्मान नहीं कर सकते तो वे एक मजबूत सरकार होने का दावा कैसे कर सकते हैं?
बांग्लादेश मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav) ने कहा कि “भारत सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए, ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए, अगर वे हमारे संतों का सम्मान नहीं कर सकते तो वे एक मजबूत सरकार होने का दावा कैसे कर सकते हैं?
मस्जिदों के सर्वेक्षणों के जरिए देशभर में अशांति पैदा करने की रची जा रही है साजिश : सपा सांसद राम गोपाल यादव
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि इस तरह के सर्वेक्षणों (मस्जिदों के) के जरिए देशभर में अशांति पैदा करने की साजिश रची जा रही है। सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे आदेश देने वाले जजों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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संभल में 24 नवंबर को मस्जिद के सर्वे को लेकर बड़ा बवाल हो गया। विवाद के दौरान फायरिंग और पथराव की घटनाओं में पांच लोगों की जान चली गई। करीब 20 लोग घायल हो गए, जिनमें से अधिकांश पुलिसकर्मी हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।