Sawan Bilvashtakam Stotra : शिव भक्त सावन का इंतजार करते है। बाबा भोले को समर्पित सावन मास जन जन में शिवतत्व समाहित किए हुए हर हर बम बम का उदृघोष करती है। सावन के पवित्र महीने में भगवान भेलेनाथ की पूजा का विधान है। भक्तगण शिवलिंग (Shivling) पर जल अर्पित करने के साथ ही भांग, बेलपत्र (belpatra) और धतूरा अवश्य चढ़ाते हैं। बेलपत्र को अत्यंत पवित्र माना जाता है। कथाओं के अनुसार बेलपत्र की तीन पत्तियां भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक हैं। देवी पार्वती तपस्या की अवधि में बेलपत्र का प्रसाद ग्रहण करती थीं। भक्त जनों के लिए यह आवश्यक वो शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते समय भगवान भोलेनाथ की स्तुति का पाठ अवश्य करें। आइये जानते है कि शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते समय किस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
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शिव बिल्वाष्टकम् स्तोत्र
बेलपत्र में तीन पत्तियां हो और तीनों पत्तियां खंडित हुई ना हो। इसके ऊपर आप चंदन से ओम लिखें और इसे शिवलिंग पर अर्पित करें। इस दौरान अगर आप शिव आह्वान मंत्र और शिव बिल्वाष्टकम् स्तोत्र का उच्चारण करते हैं, तो भगवान भोलेनाथ अति प्रसन्न होते हैं और आपकी सभी विपदा को दूर कर खुश रहने का आशीर्वाद देते हैं।
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम् ।
त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम् ॥१॥
बेलपत्र तोड़ने का मंत्र
बेल के पत्ते तोड़ने से पहले निम्न मंत्र का उच्चारण करना चाहिए-
“अमृतोद्भव श्रीवृक्ष महादेवप्रियः सदा। गृह्यामि तव पत्राणि शिवपूजार्थमादरात्॥”