Sonam Wangchuk case : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लद्दाख एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी थी। जिसके बाद वांगचुक की पहली प्रतिक्रिया सामने आयी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा है कि वे एक्टिविज़्म से दूर नहीं हुए हैं। लद्दाख की सुरक्षा, इज्ज़त और भलाई के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
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एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, ‘मैं एक्टिविज़्म से दूर नहीं हुआ हूं। लद्दाख के लिए मेरा कमिटमेंट वैसा ही है। लेकिन एक्टिविज़्म का एक बड़ा मकसद होना चाहिए: लद्दाख के लिए एक सही और लंबे समय तक चलने वाला भविष्य। इसके लिए क्लैरिटी, एकता और सच्ची बातचीत की ज़रूरत होगी। हमारी लड़ाई हमेशा लद्दाख की सुरक्षा, इज्ज़त और लंबे समय तक चलने वाली भलाई के लिए रही है और आगे भी रहेगी!!’
I have not stepped away from activism. My commitment to Ladakh remains unchanged.
But activism must serve a larger purpose: a just, lasting future for Ladakh. It will require clarity, unity, and sincere dialogue.
Our struggle has always been for Ladakh’s protection, dignity, and… https://t.co/2A32pGIceN— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) March 12, 2026
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की उस अर्जी पर सुनवाई टाल दी, जिसमें उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत उनकी हिरासत को चुनौती दी थी। जस्टिस अरविंद कुमार और पी बी वराले की बेंच अब इस मामले की सुनवाई 17 मार्च (मंगलवार) को करेगी। कोर्ट ने साफ कर दिया कि वह इस तारीख के बाद और कोई दलील नहीं सुनेगा।
बता दें कि वांगचुक को 26 सितंबर, 2025 को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कानून सरकारों को पब्लिक ऑर्डर या नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा माने जाने वाले लोगों के खिलाफ पहले से कार्रवाई करने का अधिकार देता है। बाद में उन्हें जोधपुर शिफ्ट कर दिया गया। लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। इस केंद्र शासित प्रदेश में चार लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हो गए। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।