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सपा सांसद रूचि वीरा का सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन पर बड़ा हमला, बिना नाम लिए कहा जयचंद 

By Sushil Singh 
Updated Date

मुरादाबाद:- मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा ने डॉक्टर एसटी हसन का नाम लिए बिना उन पर एक बड़ा हमला बोला है. उन्हें समाजवादी पार्टी का जयचंद बताया और ऐसे लोगों पर कार्रवाई की सपा मुखिया अखिलेश यादव से मांग की है. सांसद के इस बयान से समाजवादी पार्टी की अंतर्कलह सामने आ रही है. दरसल यह बयान तब दिया जब अखिलेश यादव ने सपा विधायक पूजा पाल को निष्काषित किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही थी.

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सपा विधायक पूजा पाल द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कि तारीफ करने से नाराज अखिलेश यादव द्वारा पार्टी से निष्काषित कर दिया था. इस बात को लेकर मुरादाबाद से सपा सांसद रूचि वीरा अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थी. राष्ट्रीय अध्यक्ष के फैसले का स्वागत करती हूं. 2027 में हमारा लक्ष्य सरकार बनाने का है.

एक साल बाद सपा सांसद का छलका दर्द पूर्व सांसद को बताया जयचंद :-

सपा सांसद रूचि वीरा का सांसद बनने के एक साल बाद दर्द छलक के बाहर आया. सपा विधायक पूजा पाल पर अपनी प्रतिक्रिया देने के बाद कहा में यह भी कहना चाहती हूं कि जो लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों मे लिप्त है और खुले तौर से पार्टी के कंडीडेट का विरोध करते है तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाना भी जरुरी है.

आप लोगों को याद होगा जब लोकसभा का चुनाव था कुछ लोगों ने खुलेआम विरोध किया उनकी वीडियो वायरल हुई आज आप लोगों को याद होगा जब लोकसभा का चुनाव था कुछ लोगों ने खुलेआम विरोध किया उनकी वीडियो वायरल हुई आज वह फिर भी पार्टी में बने हुए हैं. एक तरफ तो हमारा लक्ष्य है अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनना और अगर ऐसे लोगो पर कोई एक्शन नही होगा, कार्यवाही नही होगी, अनुशासनहीनता की तो हमारी पार्टी के कंडीडेट 2027 में चुनाव लड़ेंगे और कुछ कुछ वोट से हार जाएंगे तो ऐसे जयचंद अपने मिशन में कामयाब हो जायेगे. ऐसे लोगो पर कार्यवाही होनी चाहिए. इस बारे में हम हाईकमान को अवगत कराएंगे. देखिये में तो चुनाव जीत गई थीं बहुत अच्छे मार्जन से जीत थी. लेकिन जहाँ थोड़ा बहुत अंतर होगा ऐसे में वो लोग कंडीडेट का खुल कर विरोध करेंगे. पार्टी में टिकिट मांगने का हक सबको है मिलता तो एक को ही है. जिसे हाईकमान ने तय कर दिया तो सब लोगो की जिम्मेदारी है. फिर सब लोग उसका चुनाव लड़ाए लेकिन अगर वो खुला विरोध करेंगे और फिर पार्टी में बने रहेंगे तो इससे सपा का कार्यकर्ता निराश महसूस करता है. विरोध करने वाले जयचंद है. पार्टी में बने हुए है तो अनुशासनहीनता आने वाले समय में और बढ़ेगी तो ऐसे लोगों पर कार्यवाही होना अनिवार्य है.

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सुशील कुमार सिंह

मुरादाबाद

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