मिडिल ईस्ट में जब से तनाव की स्थिति पैदा (Middle East Crisis) हुई है, तब से ही एलपीजी सिलिंडर (LPG Cylinder Price Hike) का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कई परेशानियों का सामना कर पड़ा है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG Booking New Rules) का इस्तेमाल करने वाले लोगों की राहत दी है और सिलिंडर बुकिंग के कुछ नियमों में बदलाव किया है।
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जब से तनाव की स्थिति पैदा (Middle East Crisis) हुई है, तब से ही एलपीजी सिलिंडर (LPG Cylinder Price Hike) का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कई परेशानियों का सामना कर पड़ा है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG Booking New Rules) का इस्तेमाल करने वाले लोगों की राहत दी है और सिलिंडर बुकिंग के कुछ नियमों में बदलाव किया है। तो आइए जानते हैं कि नया नियम क्या है और इससे किस-किस को फायदा होगा?
क्या हुआ बड़ा बदलाव?
केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडर बुकिंग को लेकर बड़ा बदलाव किया। सरकार ने ग्रामीण इलाकों के लिए दूसरा सिलिंडर बुक करने की 45 दिन की समय सीमा को घटाकर अब 25 दिन कर दिया है। यानी कि अब ग्रामीण इलाकों में एक सिलिंडर लेने के 25 दिन बाद ही दूसरे सिलिंडर की बुकिंग कर पाएंगे।
इस नए बदलाव के बाद अब देश के शहरी और ग्रामीण, दोनों ही इलाकों में गैस बुकिंग के लिए 25 दिनों का एक जैसा नियम लागू हो गया है। इससे उन परिवारों को बहुत राहत मिलेगी, जिनकी खपत ज्यादा है और उनके पास खाना बनाने का और कोई रास्ता नहीं है।
इसकी जानकारी खुद केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी (Union Minister Suresh Gopi) ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। उन्होंने आगे फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘हालांकि, LPG सप्लाई की मौजूदा स्थिति में सुधार और रिफिल बैकलॉग में काफी कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस पाबंदी में ढील दी है। अब शहरी या ग्रामीण इलाके के सभी घरेलू LPG ग्राहक 25 दिन के अंतराल पर रिफिल बुक कर सकते हैं।’

पहले क्या था नियम?
मालूम हो कि पहले ग्रामीण इलाकों में दूसरा सिलेंडर बुकिंग (Cylinder Booking) के लिए कम से कम 45 दिन तक का इंतजार करना पड़ता था। जबकि शहरों में 25 दिन बाद ही दूसरा सिलिंडर बुक हो जाता था। इस नियम की वजह से ग्रामीण इलाकों में बहुत से परिवारों को दिक्कतों का सामना तकरना पड़ा था।
मिडिल ईस्ट की वजह से बिगड़े हालात
बता दें कि फरवरी से मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति है। जिसकी वजह से देश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल पर संकट के बादल हैं। सप्लाई में कमी की वजह से देश में एलपीजी के दाम बढ़े, बुकिंग के नियम बदले। इसके अलावा सरकार ने पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के स्कीम निकाले।