रांची। विराट कोहली या सचिन तेंदुलकर… क्रिकेट का असली किंग कौन? इस पर सोशल मीडिया से लेकर आम बातचीत में खूब बहस होती है। एक बार फिर रांची में विराट कोहली के 52वें वनडे शतक ने इस बहस को नए सिरे से जिंदा किया है। इसी बीच पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने इसका स्पष्ट जवाब देते हुए कहा कि कोहली एकदिवसीय क्रिकेट में उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं, जहां बहुत कम खिलाड़ी कभी पहुंचे हैं, और शायद कोई उनसे आगे नहीं।
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जाने क्या बोले सुनील गावस्कर?
कोहली की इस पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए गावस्कर ने कहा कि जिन्होंने उनके साथ और उनके खिलाफ खेला है, उनमें लगभग सर्वसम्मति है। यह सिर्फ मैं नहीं हूं। जिन लोगों ने उनके साथ और उनके खिलाफ खेला है, वे सब मानते हैं कि वह वनडे फॉर्मेट के सबसे महान खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशंसा नहीं, बल्कि वर्षों के अनुभव से बनी एक सामूहिक राय है।
गावस्कर ने अपनी बात को और मजबूत करते हुए रिकी पोंटिंग का उदाहरण दिया। पोंटिंग ने हाल ही में कहा कि कोहली वनडे क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं जिन्हें उन्होंने देखा है। गावस्कर ने कहा, कि ऑस्ट्रेलियाई से तारीफ़ मिलना बहुत ही दुर्लभ है। अगर कोई ऑस्ट्रेलियाई कहता है कि वह सबसे अच्छा है, तो इस पर बहस की गुंजाइश ही नहीं होती। पोंटिंग की यह टिप्पणी सिर्फ साधारण प्रशंसा नहीं, बल्कि कड़ी प्रतिस्पर्धा में जन्मा एक सम्मान है।
सचिन तेंदुलकर से तुलना पर क्या बोले?
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सचिन तेंदुलकर की तुलना स्वाभाविक थी, और गावस्कर ने इसे बिना किसी झिझक के संबोधित किया। तेंदुलकर के 51 वनडे शतक लंबे समय तक अटूट लगते थे। अब कोहली उससे आगे निकल चुके हैं। गावस्कर ने कहा, कि सचिन 51 शतकों के साथ सबसे ऊपर थे, लेकिन जब आप महान सचिन तेंदुलकर को पार करते हैं, तब आपको पता चल जाता है कि आप कहां खड़े हैं। इस समय वह लगभग शिखर पर अकेले खड़े हैं।
बता दें कि इस मुकाबले में विराट कोहली ने 135 रनों की पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक था। सचिन ने अपने वनडे करियर में 51 शतक लगाए हैं। हालांकि, सचिन के कुल 100 इंटरनेशनल शतक हैं जबकि कोहली के नाम अब 83 शतक हो गए हैं।