Surya Dev Tula Rashi Gochar : ग्रह मंडल के राजा और आत्मा के कारक देव सूर्य देव 17 तारीख को अपनी नीच राशि तुला में गोचर कर जाएंगे। इसके बाद 16 नवंबर तक सूर्य इस स्थिति में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब जातक की कुंडली में सूर्य देव की स्थिति मजबूत रहती है तो उसे राजा की तरह सम्मान मिलता है। सूर्य देव को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और धन लाभ का कारक माना जाता है। कुंडली में बैठे सभी ग्रहों में सूर्य देव को बलवान होना बहुत आवश्यक है। सूर्य के इस गोचर का प्रभाव राशि चक्र की सभी राशियों पर देखने को मिलेगा।
पढ़ें :- रविवार को नहाय खाय के साथ शुरू होगा महापर्व छठ, बुधवार को उषा अर्घ्य के साथ होगा पारण
मिथुन
सूर्य आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। आपकी एकाग्रता में वृ्द्धि होगी और कठिन विषयों को भी इस दौरान आप समझ पाएंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इस राशि के जातक शुभ परिणाम पा सकते हैं। आपमें ऊर्जा की अधिकता देखने को मिलेगी जिससे कार्यक्षेत्र और सामाजिक स्तर पर भी आप अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।
कन्या
इस राशि के जातकों को सूर्य के राशि परिवर्तन के बाद धन लाभ प्राप्त हो सकता है। जिन कार्यों में आपको अड़चनें आ रही थीं वो भी सूर्य गोचर के बाद बन सकते हैं। करियर कारोबार की स्थिति पहले से बेहतर होगी। वाणी में तेज देखने को मिलेगा। पैतृक कारोबार करने वालों को लाभ मिल सकता है।
तुला
सूर्य के गोचर के बाद करियर के क्षेत्र में जिन वजहों से परेशानियां आ रही हैं, उनको भी दूर करने का प्रयास आप कर सकते हैं। हर कार्य को आप सही तरीके से इस दौरान अंजाम दे सकते हैं। अगर किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे हैं, तो अच्छे परिणाम आपको प्राप्त हो सकते हैं।
पढ़ें :- "Shriphaal" Navratri fast : नवरात्रि व्रत में "श्रीफल" को माता लक्ष्मी व ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है , जानें प्रमुख उपयोग और मान्यताएं
कुंभ
कुंभ राशि वाले जातकों की ऊर्जा का स्तर सूर्य गोचर के बाद बढ़ सकता है। सेहत में अच्छे बदलाव इस दौरान देखने को मिल सकते हैं। बीते समय में जो मेहनत आपने की है उसका भी सुखद परिणाम प्राप्त हो सकता है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।