Swami Samranand Maharaj: रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के 16वें अध्यक्ष स्वामी स्मरणानंदजी महाराज का मंगलवार को निधन हो गया। महाराज जी ने 95 की उम्र में आखिरी सांस ली। स्मरणानंदजी महाराज बीते काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस वजह से वो 29 जनवरी से लगातार अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें पेशाब के रास्ते में संक्रमण होने की वजह से 29 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सेप्टीसीमिया हो गया और 3 मार्च को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। न्यूरोलॉजी और अन्य विभागों के डॉक्टरों ने उन्हें नियमित निगरानी में रखा लेकिन सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल के बावजूद पिछले कुछ दिनों में उनकी हालत बिगड़ गई और मंगलवार को उनका निधन हो गया।
पढ़ें :- Ram Mandir Donation Row : राम मंदिर परिसर के अंदर मीडिया कवरेज पर रोक, कांग्रेस बोली- प्रतिबंध लगाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि संदेह और गहरा होगा
PM मोदी ने जताया दुख
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर लिखा, ‘रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के श्रद्धेय अध्यक्ष श्रीमत स्वामी स्मरणानंद जी महाराज ने अपना जीवन आध्यात्मिकता और सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अनगिनत दिलों और दिमागों पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी करुणा और बुद्धिमत्ता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।’ पीएम मोदी ने आगे लिखा, सालों से मेरा उनसे बहुत घनिष्ठ संबंध रहा है। मुझे 2020 में बेलूर मठ की अपनी यात्रा याद है जब मैंने उनसे बातचीत की थी। कुछ हफ्ते पहले कोलकाता में भी मैंने अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। मेरी संवेदनाएं बेलूर मठ के अनगिनत भक्तों के साथ हैं…शांति।
16 वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था
बता दें कि स्वामी स्मरणानंद का जन्म 1929 में तमिलनाडु के तंजावुर में हुआ था और वह 1952 में 22 साल की उम्र में रामकृष्ण मिशन में शामिल हो गए थे।स्वामी आत्मस्थानंद की मृत्यु के बाद स्वामी स्मरणानंद महाराज ने रामकृष्ण मठ और मिशन के 16 वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भी महाराज जी के निधन पर दुख व्यक्त किया।
पढ़ें :- मल्लिकार्जुन खड़गे ही होंगे राज्यसभा में नेता विपक्ष, सभापति सीपी राधाकृष्णन ने दिलाई शपथ